खेजुरी थाना परिसर में आयोजित थाना समाधान दिवस पर फरियादियों की फरियाद सुनते जिलाधिकारी ज्ञानें
बलिया। जमीन की पैमाइश, कब्जे और खेत में जोताई-बोआई रोकने जैसी शिकायतें लेकर शनिवार को थाना समाधान दिवस में लोग पहुंचे। जिले के थानों पर कुल 136 प्रार्थना पत्र आए, जिनमें 21 का निपटारा किया गया। भूमि विवाद के मामले ज्यादा होने से समाधान का प्रतिशत कम रहा।
जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईराज राजा ने सिकंदरपुर और खेजुरी में जनसुनवाई की। उन्होंने शिकायतों को सुनकर संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और न्यायपूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ला ने बांसडीह थाने में फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
अन्य थानों पर भी क्षेत्राधिकारियों ने थाना प्रभारियों और राजस्व अधिकारियों के साथ शिकायतों की सुनवाई की। अधिकारियों ने भूमि विवादों में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से जांच कर निस्तारण कराने पर जोर दिया, ताकि फरियादियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। खेजुरी थाने में डीएम और एसपी की मौजूदगी में राजस्व संबंधी आठ शिकायतें आईं। इनमें पांच का मौके पर निपटारा किया गया, जबकि तीन मामलों में एसडीएम सिकंदरपुर प्रवीण यादव को स्थलीय जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी ने थाने के जनरल डायरी, अपराध, मालखाना, हिस्ट्रीशीट, शिकायत और सम्मन-वारंट रजिस्टरों का निरीक्षण कर अभिलेखों के रखरखाव की स्थिति देखी।
रजिस्ट्री के बाद भी खेती नहीं करने देने का आरोप: दुबहड़। समाधान दिवस में पांच शिकायतें आईं। जनाड़ी निवासी शशिकांत पांडेय ने पिपरा मौजा में सड़क की जमीन पर कब्जे और सरकारी पैमाइश के बाद लगाए गए हदबंदी के पत्थर उखाड़ने का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने लेखपाल सत्येंद्र यादव को जांच सौंपी। वहीं, नगवा निवासी गुड़िया देवी ने बताया कि उन्होंने 2024 में 11 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री कराई थी, लेकिन पड़ोसी उन्हें खेती नहीं करने दे रहे हैं और धमकी देते हैं। थानाध्यक्ष ने लेखपाल अरविंद कुमार सिंह को स्थलीय जांच के निर्देश दिए।