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जिला अस्पताल में बना एल-2 अस्पताल नहीं हो सका है सक्रिय

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बलिया। जनपद में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए दो एल -1 और एक एल -2 हॉस्पिटल इलाज के लिए स्थापित किया गया है लेकिन एल-2 अस्पताल को अब तक सक्रिय नहीं किया जा सका है। इसके चलते डायबिटीज सहित अन्य गंभीर मरीजों को मेडिकल कॉलेज आजमगढ़ में व्यवस्था की गई है। जनपद में कुल 520 कोरोना संक्रमित मरीजों के रखने के लिए बेड स्थापित किए गए हैं।
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कोरोना मरीजों के इलाज के लिए जनपद में 520 बेड की व्यवस्था स्वास्थ्य महकमा द्वारा किया गया है। जिसमें दो एल-1 एवं एक एल- 2 अस्पताल स्थापित किए गए हैं। सुखपुरा थाना के बसंतपुर में एल-1 अस्पताल बनाया गया है। जिसमें 30 बेड स्थापित है। इस एल-1 अस्पताल के अंतर्गत बसंतपुर स्थित कैस्टम ब्रिज स्कूल में 125 बेड तथा तिखमुपर स्थित राजकीय पालिटेक्निक स्कूल में 125 बेड स्थापित किए गए हैं, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज करने की व्यवस्था है। इसके अलावा स्वास्थ्य महकमा द्वारा फेफना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एल-1 अस्पताल बनाया गया है। जिसमें 30 बेड की व्यवस्था की गई है। इस एल-1 अस्पताल के अंतर्गत गड़वार तिराहा के पास स्थित द होराइजन स्कूल में 200 बेड स्थापित किया गया है। जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा। जबकि जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर को एल-2 अस्पताल बनाया गया है। जिसमें पांच बेड का आइसोलेशन वार्ड तथा पांच बेड का वेंटिलेटर वार्ड हैं। इसके सक्रिय नहीं होने के कारण चार कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को आजमगढ़ भेजा गया है। अगर एल-2 अस्पताल सक्रिय होता तो गंभीर मरीजों को आजमगढ़ नहीं भेजना पड़ता। इस बाबत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. केडी प्रसाद ने बताया कि दो एल-1 एवं एक एल-2 अस्पताल स्थापित है। इन तीनों के अंतर्गत 520 बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए स्थापित है, लेकिन एल-2 के पूरी तरह सक्रिय नहीं होने के कारण 510 बेड रन कर रहे हैं। बताया कि कोरोना के गंभीर मरीजों को वर्तमान में आजमगढ़ में भर्ती किया गया है।
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