फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मायूस किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान

Tue, 22 Nov 2016 08:16 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
विज्ञापन
नो
विज्ञापन
मोदी की नोटबंदी के बाद से तंगहाली जी रहे किसानों के चेहरे पर मंगलवार को  उस समय मुस्कान लौट आई। जब सरकारी बीज भंडारों में उनसे पुराने 500 और  1000 के नोट के बदले बीज उपलब्ध कराया गया। इस दौरान जनपद के हर एक बीज  भंडारों पर औसतन 30 कुंतल बीज की बिक्री हुई।
विज्ञापन


वहीं किसान खुशी से फूले नहीं  समा रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताने के साथ-साथ  प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव की भी तारीफ है। कहा कि अखिलेश यादव की पहल रंग  लाई। जिसके फल स्वरूप आज बीज भंडारों पर पुराने नोटों के बदले बीज उपलब्ध  हो पा रहा है। 


जनपद में कुल 17 बीज भंडार है, जहां मंगलवार को पुराने  500 और 1000 नोटों के बदले किसानों को बीज उपलब्ध कराया गया। जिससे किसान  अपनी जरूरत के मुताबिक बीज भी खरीदे। गौरतलव हो कि नौ नवंबर को अचानक 500  और 1000 के पुराने नोट बंद कर दिए जाने से किसान सांसत में आ गए थे। किसी  को रबी की करनी थी, उसके लिए बीज तो किसी को आलू की खेती करनी थी।
विज्ञापन


ऐसे में  उनके सामने विकट समस्या खड़ी हो गई थी। उपर से सरकारी सेवा में 500 और 1000  के नोट लिए जाने के बावजूद केवल बीज भंडारों में नोट लिए जाने की पाबंदी  को लेकर किसान सांसत में थे। ऐसे में किसानों की परेशानी के मद्देनजर  प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव ने पीएम को पत्र लिखकर पहल करने को कहा था।

जिस  पर देश के प्रधानमंत्री ने सरकारी भंडारों पर पुराने नोटों के बदले बीज  उपलब्ध कराने का आदेश दिया। जिसके क्रम में मंगलवार को जनपद के सभी बीज  भंडारों पर बीज की पुराने नोटों के बदले बीज की खरीद्दारी शुरू हो गई थी।  नगर के एक बीज भंडार में मंगलवार को कुल 30 कुंतल बीज की खरीद्दारी हुई।  वहीं औसतन बिक्री भी यही रही। कृषि अधिकारी जेपी यादव ने बताया कि अब  किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी। हर बीज भंडारों पर पुराने  नोटों के बदले बीज उपलब्ध कराया जाएगा।  
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें