पिछले 48 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बरसात ने किसानों को राहत पहुंचाई है। मंगलवार को भी जिले में हुई रिमझिम बरसात से खेत सराबोर हो गए। धान की रोपाई की तैयारी करने वाले किसान रोपाई कार्य में जुट गए हैं। बेहन लेकर खेतों को तैयार करने लगे हैं।
बलिया नगर समेत नरहीं, फेफना, बेल्थरारोड इत्यादि क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद किसान धान की रोपाई में लग गए हैं, वहीं खरीफ की अन्य फसलों की बुआई के लिए किसान बारिश के रुकने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश की वजह से शहर के कई हिस्सों में काफी पानी भर गया। कई कॉलनियों में लबालब पानी भरा है।
जिले में किसान अदरा नक्षत्र में खेती करने लगते हैं। लेकिन अब अदरा नक्षत्र समाप्त की ओर है। इलाके के किसान पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज भांपने में लगे थे। ऐसे में रविवार की शाम से शुरू हुई रिमझिम बरसात मंगलवार को भी होती रही। मौसम विभाग पटना ने भी आशंका जताई है कि बुधवार से बरसात से राहत मिल सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के डा. वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि मानसून का आगाज जोरदार रहा। मौसम साफ होने के बाद ही किसान खरीफ की बुआई कर सकते हैं। अभी खरीफ की खेती पिछड़ी नहीं है।
गंगा में जलस्तर में हो रही वृद्धि से तटवर्तीय इलाकों में सब्जी की खेती करने वाले किसानों की मुश्किलें बढने लगी है। कोट अंजोरपुर से लेकर कोटवां नारायणपुर तक तथा दियारे में भी बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती करने वाले किसान परेशान है कि गंगा का जलस्तर जिस रफ्तार से बढ़ रहा है। किसानों को परेशानी में डाल सकता है। यही स्थिति रही तो जल्द ही तटीय इलाकों में सब्जी की खेती तबाह हो सकती है।
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में बरसात के कारण अब छत से पानी टपकने लगा है। जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को तीमारदार अपने मरीजों को इधर-उधर करने में व्यस्त दिखे। वहीं डाक्टर तथा नर्स भी इस समस्या से दो-चार दिखे।