बलिया। शहर में जल निकासी की समस्या गंभीर हैं। सात करोड़ की लागत से जहां चार नालों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, करोड़ की लागत से तीन नए नालों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। नालों के निर्माण के बाद भी शहर के कई इलाकों में लो लौंड होने की वजह से नगर पालिका बलिया को पंप लगाकर जल निकासी करनी पड़ती है। जल निकासी की समस्या गंभीर हो जाती है। हालांकि पालिका की ओर से नालों का निर्माण पूरा होने पर जल निकासी कही होने की बात कही जा रही है, लेकिन इससे भी परे शहर की जलनिकासी संभव नहीं है। इसलिए शहर के सात किमी के एरिया में जल निकासी के लिए संयुक्त टीम गठित कर जल निकासी का प्रस्ताव तैयार करने की योजना कराई जा रही है।
शहर में जल निकासी के लिए नगर पालिका बलिया की ओर से सात करोड़ रुपये से चार नालों का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें एनसीसी तिराहे से एसपी आवास तक, टीडी कालेज चौराहे से डीएम आवास, कुंवर सिंह चौराहा होते हुए एसपी कार्यालय तक, धूम बाबा से काजीपुरा रेलवे अंडर पास होते हुए जापलिनगंज चौकी तक नाले का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही कई करोड़ से तीन और नालों के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके बाद भी नगर पालिका के काशीपुरा के लिए अभी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं है। समय के साथ ही शहरी क्षेत्र का दायरा काफी बढ़ गया है। यह नगरपालिका में नहीं है और यहां जल निकासी की समस्या गंभीर है। इसे देखते हुए पालिका शहर के सात किमी के दायरे में निकासी के लिए संयुक्त टीम से प्रस्ताव तैयार कराने की योजना तैयार कर रही है। टीम में नगर पालिका के साथ, सीएंडडीएस, आरईएस आदि विभाग को साथ रखने की बात कही जा रही है। ईओ दिनेश विश्वकर्मा ने बताया कि इस कार्ययोजना को जल्द ही सांसद के नेतृत्व में होने वाली बैठक में रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर टीम का गठन का सर्वे और प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव पर खर्च होंगे 63 लाख
बलिया। कुल 20 करोड़ के प्रस्ताव में सार्वजनिक संपत्तियों के रखरखाव पर भी लगभग 63 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 32 लाख से गुरुद्वारा गेट और 30 लाख की लागत से गुरुद्वारा गेट का निर्माण कराया जाएगा। इन कार्यों को चेयरमैन अजय कुमार की संतुति पर सामिल किया गया है।