बलिया। ग्राम पंचायतों में निर्मित पानी टंकियां प्रधानों को हैंडओवर होने के बाद भी तकनीकी देखरेख जल निगम ग्रामीण करेगा। इसके लिए शासन से टेंडर भी होगा। कार्यदायी संस्था 10 वर्ष तक टंकियों के संचालन की देखरेख करेगी। पहले टंकियों को निर्माण कर संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को सौंप दी जाती थी। ऐसे में तकनीकी खराब होने पर प्रधान परेशान हो जाते थे। इसके चलते प्रधान नव निर्मित टंकियों को हैंडओवर लेने में कतराते थे। इसे देखते हुए शासन ने अब टंकियों की मरम्मत व तकनीकी खराबी दूर करने के लिए जल निगम को दी है। इसके लिए टेंडर हुआ है।
चयनित कार्यदायी संस्था 10 वर्ष तक टंकियों की देखरेख करेगी। जिले के 940 ग्राम सभाओं में 312 नई व 180 पुरानी टंकियां हैं। पहले टंकियों की देखरेख को लेकर जल निगम व ग्राम पंचायतों के बीच काफी खींचातानी थी। इसके चलते आपूर्ति भी बाधित हो जा रही थी। इसे देखते हुए शासन ने नई योजना के तहत टंकियों की देखरेख की जिम्मेदारी कंपनी काे दी है। इसके लिए आजमगढ़ मंडल मुख्यालय से टेंडर भी हुआ है। नए नियम के तहत टंकियों को जलनिगम ग्राम पंचायत को हैंडओवर करेगा लेकिन देखरेख की जिम्मेदारी जल निगम को होगा। जलकल मद की धनराशि जल निगम के पास रहेगी। पंचायत जलकर वसूली की भूमिका निभाएगी। गांवों में तैनात जलसखी पानी की जांच करती रहेगीं। अधिशासी अभियंता जल निगम मो. मुकीम ने बताया कि शासन की तरफ से टंकियों की देखरेख की कंपनी करेगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। टंकी व पाइप लाइन बिछाकर ग्राम पंचायत को ओवरहैंड किया जाएगा।