परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने एक घंटे तक इंतजार कर बच्चे की जान ले ली है। एक घंटे पहले इलाज शुरू हुआ होता तो शायद बच्चे की जान बच जाती। इसे लेकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। वहीं, डॉ. विजय यादव का कहना है कि बच्चे को देखा था। उसकी आंख बंद थी, वह बेहोश था। इंजेक्शन मंगवाया और लगवाया।
उसको बलिया रेफर किया जा रहा था तभी यह घटना हो गई। परिजन बवाल करने लगे हाथापाई पर आमादा हो गए तो पुलिस को बुलाई गई। एसएचओ बैरिया योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस भेजी गई थी। परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करा घर भेज दिया गया। अस्पताल पर शांति व्यवस्था बहाल है।
उभांव थाना क्षेत्र के जमुआंव खामपुर में शुक्रवार की देर रात कच्ची दीवार भरभरा कर गिरने से 15 वर्षीय बालक की मलबे में दबकर मौत होग गई। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। बालक 9वीं का छात्र था। मां-बाप व भाई-बहन का रोते-रोते बुरा हाल है।
जमुआंव खामपुर गांव निवासी हरिशंकर प्रजापति के घर के लोग प्रतिदिन की तरह शुक्रवार रात अलग-अलग स्थानों पर सो रहे थे। शुक्रवार की रात झोपड़ी की कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई। इसके मलबे में मनदीप (15) पुत्र हरिशंकर दब गया।
दीवार गिरने की आवाज सुन आसपास के लोग पहुंच गए। मनदीप को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन देर हो चुकी थी। मनदीप चार भाई बहनों में सबसे छोटा था। घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।