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संक्रमण बढ़ता जा रहा, लापरवाही भी चरम पर

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लाकडाउन के दौरान स्टेशन-चित्तू पांडेय मार्ग पर आवागमन करते लोग। - फोटो : BALLIA
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बलिया। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। पहले जब जिले में मरीज नहीं थे और लाकडाउन का दौर चल रहा था तो लोग कोरोना को लेकर गंभीर थे और काफी सतर्कता बरतते थे लेकिन अब मरीजों की संख्या 173 पहुंचने के बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने दस जुलाई तक के लिए लाकडाउन घोषित किया है लेकिन चोरी छिपे दुकानें खुल रही हैं। बहुत से लोग बिना मास्क के बाहर निकल रहे हैं। यहां तक कि हॉटस्पॉट क्षेत्र में की गई बैरिकेडिंग भी लोग तोड़ दे रहे हैं। ऐसे में अगर लोग नहीं चेते तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 173 हो गई है। इनमें शहर और आसपास के क्षेत्र में 50 से अधिक संक्रमित हैं। शहर व आसपास के 15 हॉटस्पॉट सील हैं। जिलाधिकारी ने शहर में लॉकडाउन की घोषणा की है, लेकिन दुकानदार चोरी छिपे दुकानें खोल रहे हैं। शहर में सार्वजनिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित होने के बाद बावजूद ई रिक्शा और टेंपो चलते नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 11 मई तक जिले में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं था। 31 मई तक संक्रमितों की संख्या 50 और जून माह यह संख्या बढ़कर 104 हो गई थी। छह जुलाई तक ही मरीजों की संख्या 173 पहुंच गई है।
जिला महिला अस्पताल, एसबीआई मेन ब्रांच और कोषागार सील
मरीजों के बढ़ने का आलम ये है कि इस समय जिले में जिला महिला अस्पताल का प्रसव केंद्र सील है तो एसबीआई मेन ब्रांच भी बंद पड़ा है। सोमवार को कोषागार भी सील कर दिया गया। कोषागार के कर्मचारी के पॉजिटिव आने के बाद जिले के सभी कार्यालयों में दहशत फैल गई हैं, क्योंकि वहां से लगभग सभी विभागों के लोगों का आना-जाना है।
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संक्रमित के संपर्क वालों का 24 घंटे बाद हो रही सैंपलिंग
कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद तत्काल उनके इलाके में मेडिकल टीमें रवाना हो जाती थी। इनमें एक टीम मरीज को ले जाती थी तो दूसरी टीम इलाके में सैंपलिंग शुरू कर देती थी। यही नहीं गांव को सील कर सैनीटाइजेशन का कार्य भी शुरू करा दिया जाता था, लेकिन अब मरीज मिलने के 24 घंटे बाद उसके संपर्क में आए लोगों की सैंपलिंग शुरू हो पा रही है। इसका कारण भी है, स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एंबुलेंस की उपलब्धता के आधार पर ही टीमों को रवाना किया जा रहा है। पहले एक या दो मरीज सामने आते थे, अब जो मरीज सामने आ रहे हैं वे बल्क में सामने आ रहे हैं और उनकी एक साथ सैंपलिंग संभव नहीं है।
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पांच दिन से नहीं आई कोई जांच रिपोर्ट
सैंपलिंग और रिपोर्ट का हाल ये है कि जिले में पिछले पांच दिनों से कोई रिपोर्ट नहीं आई है। प्रक्रियागत सैंपल की संख्या 1784 हो गई है। पिछले पांच दिनों में जिले में जितने भी पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं सभी ट्रूनॉट के माध्यम से लोकेट किए गए हैं। शुरूआती दौर में जांच रिपोर्ट दो दिन में आती थी, फिर ये तीन, चार और पांच दिन से लेकर एक सप्ताह बाद तक आ रही है।
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अब संबंधित क्षेत्र ही किया जा रहा सील
कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या जैसे जैसे बढ़ रही है कैंटोनमेंट जोन का दायरा सिमटता जा रहा है। पहले कोई मरीज मिलते ही गांव सील कर दिया जाता था। ग्राम प्रधान सैनीटाइजेशन की तैयारी में जुट जाता था। फिर जिला प्रशासन ने 500 मीटर के दायरे को सील करने का नियम बनाया, लेकिन अब जिस गली में मरीज मिल रहा है, वह भी पूरी तरह सील नहीं हो पा रही है। कारण की प्रशासन सील कर जैसे ही लौट रहा है, इलाके के लोग उसे तोड़ कर आवागमन शुरू कर दे रहे हैं।
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जागरूक करने के बाद भी लोग सबक नहीं ले रहे हैं। लोगों की लापरवाही का ही नतीजा है कि जिला मुख्यालय स्थित शहर और आसपास के क्षेत्र में लॉकडाउन करना पड़ा है। अभी भी स्थिति में बहुत सुधार नहीं है। यदि लोग नहीं सुधरे और मरीजों की संख्या बढ़ती रही तो मजबूर होकर जिले में लॉकडाउन का निर्णय लेना पड़ेगा।-श्रीहरि प्रताप शाही, जिलाधिकारी
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