बलिया। अगर कोई कोरोना पाजिटिव पड़ोसी क्वारंटीन या आइसोलेशन के लिए ले जाया जा रहा हो तो उसकी वीडियोग्राफी कर उसे अपराध बोध जैसा अनुभव कराने का प्रयास न करें बल्कि अपने घर के दरवाजे, बालकनी से या छत से आवाज लगाकर, हाथ उठाकर, हाथ हिलाकर उनका उत्साह बढ़ाएं। ये बातें नोडल अधिकारी, संयुक्त निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ मंडल डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहीं।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो उसके एवं परिवार के साथ भेदभाव ठीक नहीं है। कहा कि अगर कोई पाजिटिव मिले तो उससे कहें कि आप जल्द ही ठीक होकर हमारे बीच में फिर से पहले जैसी जिंदगी शुरू करेंगे। उनके जल्द ठीक होकर घर वापसी के लिए शुभकामनाएं दें। उन्होंने कोरोना पॉजिटिव मिले परिवारी जनों को टेस्ट कराकर क्वारंटीन रहने की सलाह दी जाती है। उन्होंने कहा कि कोरोना वार्ड में जाने वाले या कोरोना पॉजिटिव हो जाने वाले स्वास्थ्यकर्मी के साथ सामाजिक स्तर पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं कोरोना विजेता बन कर निकले राजेंद्र नगर निवासी ने बताया कि थोड़ी बहुत दिक्कतें हुईं फिर धीरे-धीरे लोगों ने स्वीकार करना शुरू कर दिया।