बलिया। केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए खरीफ की 14 फसलों के समर्थन मूल्य में 50 से 83 फीसदी बढ़ोतरी की है। हालांकि जिले में इस बाबत शासनादेश नहीं पहुंचा है लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इससे किसानों को राहत मिलेगी और आय में बढ़ोतरी होगी।
भारत सरकार ने खरीफ की 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। कृषि विभाग के उपनिदेशक इंद्राज ने बताया कि अभी भारत सरकार का निर्देश तो प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि भारत सरकार ने वर्ष के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया है जिससे इसका मूल्य 1868 कुंतल हो गया है। ज्वार हाइब्रिड का बढ़ाकर 2620 रुपये प्रति कुंतल, बाजरा का 2150 रुपये प्रति कुंतल समेत अन्य फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। इसी तरह रागी में 50 फीसदी, मक्का में 53 फीसदी, सूरजमुखी में 50 फीसदी, सोयाबीन, तिल और कपास आदि के भी न्यूनतम समर्थन मूल्य में 50 फीसदी की वृद्धि की है। कहा कि शासनादेश मिलने के बाद ही स्पष्ट पता चलेगा कि किस फसल में कितनी की बढ़ोतरी की गई। उधर, भारत सरकार की ओर से फसलों के समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने से किसानों में खुशी है।
भरौली गांव निवासी किसान अक्षय कुमार राय ने बताया कि सरकार का यह फैसला पूरी तरह किसान हित में है। बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और खेती में हो रहे घाटा कुछ हद तक कम होगा। वहीं नारायनपुर गांव निवासी किसान चौधरी रामजी राय ने बताया कि भारत सरकार ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी कर किसानों को सौगात दी है। बताया कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति कुछ हद तक मजबूत होगी और किसानों को राहत मिलेगी।