बलिया। सत्र 2025-26 में मदिरा की दुकानों के आवंटन के लिए नई आबकारी नीति लागू की गई है। प्रत्येक दुकान का आवंटन ई- लॉटरी से किया जाएगा। एक व्यक्ति एक दुकान के लिए एक ही आवेदन कर सकेगा। एक व्यक्ति के नाम दो से अधिक मदिरा की दुकान भी आवंटित नहीं होगी।
सात साल पहले की आवंटन प्रक्रिया की अपेक्षा इस बार आवेदन खर्च करीब ढाई गुना बढ़ गया है। अब एक दुकान के लिए आवेदन करने पर प्रोसेसिंग फीस 40 से 80 हजार रुपये तक खर्च करनी होगी। लॉटरी नहीं निकलने पर यह रकम वापस भी नहीं होनी है। विभागीय पोर्टल पर मदिरा की दुकानों के ई-लॉटरी के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 14 फरवरी से शुरू हो गई है, जो 27 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान प्रोसेसिंग फीस जमा करने की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद ई लॉटरी से दुकानों का आवंटन किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार मदिरा की दुकानों को तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है। ग्रामीण, नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र की दुकानों की अलग लग प्रोसेसिंग फीस निर्धारित की गई है। इसमें ढाई गुना के आसपास वृद्धि की गई है। लॉटरी न निकलने पर आवेदक की ओर से जमा की गई प्रोसेसिंग फीस सरकारी खजाने की हो जाएगी। ऐसे में दुकानों के आवंटन प्रक्रिया में सरकारी कोष में काफी उछाल आने की उम्मीद है।
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एक ही आवेदन कर सकेंगे
शराब की सरकारी दुकान के लिए एक ही आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जा सकेगा। एक दुकान के लिए एक आवेदक के एक से अधिक आवेदन होने पर एक को छोड़ कर अन्य को निरस्त करते हुए उनकी प्रोसेसिंग फीस समाहित कर ली जाएगी। एक आवेदक द्वारा एक से अधिक दुकानों के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किए जा सकेंगे, लेकिन एक आवेदक को प्रदेश में अधिकतम दो दुकानें ही ई-लॉटरी प्रक्रिया में आवंटित हो सकेंगी। ये दो दुकानें एक ही जनपद अथवा एक से अधिक जनपदों में भी आवंटित हो सकेंगीं। विस्तृत विवरण विभागीय पोर्टल cms.upexciseonline.com पर उपलब्ध है।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी दुकानों का आवंटन ई-लाटरी के माध्यम से कराए जाने का निर्णय लिया गया है। ई-लाटरी के लिए 27 तक पंजीकरण होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद छह मार्च को ई-लाटरी होगी।
- विजय कुमार शुक्ल, जिला अबकारी अधिकारी, बलिया।