दिल्ली में सामूहिक बलात्कार और फिर निर्मम हत्या की शिकार निर्भया के दादा ने सोमवार को कहा कि इस तरह के अपराध के दोषियों को न्याय के लिए जनता को सौंप दिया जाना चाहिए।
कुछ दिनों पहले हैदराबाद में काम से घर लौटने के दौरान चिकित्सक महिला के साथ दुष्कर्म और हत्या की वारदात पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि अगर गिरफ्तार किए गए लोगों को सड़क पर गोली मार दी जाए, तो ऐसे मामलों में कमी आएगी।
निर्भया के दादा की टिप्पणी ऐसी दिन आई है जब कुछ सांसदों ने भी ऐसी ही भावनाएं व्यक्त की हैं। राज्य सभा में समाजवादी पार्टी की नेता जया बच्चन ने कहा कि बलात्कारियों को "खुलेआम मार दिया जाना चाहिए।"
2012 के निर्भया बलात्कार और हत्या मामले में शामिल लोगों में से एक किशोर को छोड़कर, बाकियों को मौत की सजा सुनाई गई थी लेकिन इस पर अमल होना बाकी है।
निर्भया के दादा ने इस तरह के अपराधों के लिए बार-बार होने के लिए इसे वजह बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पोती के मामले को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी तक फांसी नहीं दी गई है और अभी भी जेल में हैं।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "अगर उन्हें मृत्युदंड दिया गया होता तो यह एक निवारक के रूप में काम करता और इस तरह के जघन्य अपराध को करते हुए लोगों को डर लगता।"
उन्होंने कहा कि यदि कोई नया कानून लाया जाना चाहिए तो यह होना चाहिए कि बलात्कार के आरोपी को गिरफ्तार किए जाने पर उसे लोगों को सौंप दिया जाए और वे न्याय करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिस दिन एक बलात्कारी को सड़क के चौराहे पर गोली मारी जाएगी, बलात्कार के मामले अपने आप कम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में भी बदलाव किया जाना चाहिए ताकि बलात्कार के मामले लंबे समय तक अदालत में लंबित न रह सकें।