बलिया। अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान अनीशा राय की मौत के 24 दिन बाद भी आरोपी चिकित्सकों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
इससे आहत पति शिवांशु राय (30) ने शुक्रवार को डीएम कार्यालय के समक्ष आत्मदाह का प्रयास किया। दोपहर 12 बजे पाकेट से बोतल निकालकर युवक ने डीजल शरीर पर उड़ेल लिया।
हालांकि पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और कोतवाली लेकर गई। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर आरोपी चिकित्सकों को बचाने का आरोप लगाया। पुलिस की गिरफ्त में पति शिवांशु राय ने कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही से पत्नी अनीशा राय की मौत हो गई थी। आरोपी डॉक्टर ज्योत्सना, रोहन गुप्ता सहित पांच आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं, उल्टे पुलिस मुझे गिरफ्तार करने के लिए दो दिन से घर व रिश्तेदारों के घर पर दबिश दे रही है, जैसे की मैं ही आरोपी हूं।
क्षेत्राधिकारी की ओर से घर पर नोटिस चस्पा किया गया है। तय सीमा के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर मजबूर होकर आत्मदाह करने आया था। पुलिस ने शिवांशु का मेडिकल बनाने के बाद चालान कर कोर्ट भेज दिया।
पुलिस छावनी में तब्दील रहा डीएम कार्यालय: सुखपुरा थाना के देवकली गांव निवासी शिवांशु राय की आत्मदाह की चेतावनी के बाद शुक्रवार की सुबह से ही डीएम कार्यालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। सभी मार्ग पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। हर आने जाने वालों के झोलाें व बैग की तलाशी पुलिस ने ली। इसको लेकर गहमा गहमी बनी रही।
सदर कोतवाली, सुखपुरा, दुबहड़ थाना की पुलिस के अलावा एलआईयू के जवान तैनात रहे। दोपहर 12 बजे एडीएम कार्यालय की तरफ से अचानक शिवांशु पहुंचा, पाकेट से बोतल निकाल डीजल शरीर पर उड़ेल लिया। कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने उसे पकड़ लिया।