बलिया। जिला व सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह की अदालत ने मंगलवार को पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति रामप्रवेश को सात वर्ष के कठोर करावास की सजा सुनाई। 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। तीन अन्य पर दोष सिद्ध नहीं हाेने पर न्यायालय ने बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा श्याम बिहारी फरही रामपुर थाना मधुबन, मऊ का निवासी है। उसने पुत्री सीमा की शादी करीब छह वर्ष पूर्व रामप्रवेश राजभर निवासी चक बलदेव मिश्रा चौक, थाना सिकंदरपुर के साथ की थी। आरोप है कि उसकी सास लक्ष्मीना, जेठ जोगिंदर, पति रामप्रवेश, जोगिंदर की औरत उनकी लड़की से 50 हजार रुपये दहेज मांगने लगे। इसके लिए उसे प्रताड़ित करने लगे। 22 मई 2009 को सीमा ने सूचना दी जल्द आ जाइए नहीं तो मुझे जहर देकर मार देंगे। सीमा के घर पहुंचे तो सीमा के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी। इसमें पुलिस ने भी मदद नहीं की। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पति रामप्रवेश राजभर, लक्ष्मण, योगेंद्र और योगेंद्र की पत्नी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।