बांसडीह। जालसाजों ने खुद को तहसीलदार बताकर एएनएम रीमा पटेल से 50 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया।
कर्मियों को मनाने के लिए अधीक्षक पहुंचे लेकिन वे नहीं माने। बाद में अधीक्षक ने अपने पास से पीड़िता को 10 हजार रुपये देते हुए कहा कि पैसा वापस होने पर लौटा दीजिएगा। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह के अंतर्गत बेऊर उपकेंद्र पर तैनात एएनएम रीमा पटेल के पास मंगलवार को दो अलग-अलग नंबरों से फोन आया। फोन करने वाले ने स्वयं को तहसीलदार अशोक मीना बताया। और कहा कि वह शासन को भेजने के लिए उपकेंद्रों की सूचनाओं की जांच कर रहे हैं। ठग ने पहले विश्वास जीतने के लिए रीमा के गूगल-पे पर 200 रुपये भेजे और फिर तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर उन्हें वापस करने के लिए कहा। इसी लेनदेन की प्रक्रिया के दौरान जालसाजों ने उनके खाते में सेंध लगा दी और दो किस्तों में कुल 49,980 रुपये निकाल लिए।
ठगी का शिकार होने के बाद जब दो दिनों तक पैसे की रिकवरी नहीं हुई, तो नाराज एएनएम रीमा पटेल के समर्थन में अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी उतर आए। बृहस्पतिवार को सभी कर्मियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में धरना शुरू कर दिया । प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रणय कुनाल सिंह मौके पर पहुंचे।