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गुरु-शिष्य का संबंध अटूट

Sat, 08 Jul 2017 10:52 PM IST
ballia
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संत रामभद्राचार्य - फोटो : SELF
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नागाजी सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जीराबस्ती के प्रांगण में शनिवार को गुरू पुर्णिमा कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। जिसका शुभारम्भ प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र कुमार पांडेय ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने गुरू पुर्णिमा पर प्रकाश डालते हुए कहाकि प्राचीन काल से गुरु और शिष्य का अटूट सम्बंध रहा है। श्रद्धावान व्यक्ति गुरु से अनेक प्रकार के ज्ञान प्राप्त करता है। गुरु का सम्मान करने से शिष्यों का गौरव प्राप्त होता है। गुरु के निर्देशों का अनुपालन करके छात्र असम्भव कार्य को भी सम्भव कर लेते है। इसीक्रम में आचार्य हरेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि जिस प्रकार दीप के बिना प्रकाश नहीं मिलता है, वैसे ही बिना गुरु के ज्ञान प्राप्त नहीं होता है।
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समर्थ गुरु रामदास के मार्गदर्शन से ही छत्रपति शिवाजी ने साम्राज्य स्थापित किया था। गुरु आचार्य चाणक्य के मार्गदर्शन में चंद्र गुप्त मौर्य चक्रवती सम्राट बनें। कहा कि बिना गुरु की कृपा से कोई भी व्यक्ति उन्नति का मार्ग प्रशस्त नहीं कर पाता है। इस मौके पर आनंद पांडेय, बृजेश राय, रामकुमार, संजय मिश्र, अजीत श्रीवास्तव, अरूण सिंह, अभय पांडेय, सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी, हरेराम आदि मौजूद रहे।
बेल्थरारोड श्री बनखंडी नाथ मठ परमधाम डूहां के तत्वावधान में चल रहे अद्वैत शिव शक्ति यज्ञ और गुरु पूजा महोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। महोत्सव में व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी श्री ईश्वरदास ब्रह्मचारी मौनी बाबा ने सदगुरु के महत्व को रेखांकित किया ।
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उन्होंने कहा कि सद्गुरु के सानिध्य में आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति और ईशवरीय सौंदर्य की अनुभूति होती है।  इस मौके पर पंडित सर्वेश तिवारी, शिव चैतन्य ब्रह्मचारी, नरेंद्र ब्रहमचारी, प्रीति उपाध्याय आदि रहे।
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