बताया गया कि उस कंपनी के नाम पर 28 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है और अब वे 14 करोड़ रुपये के जीएसटी बकायेदार हैं। जीएसटी अधिकारियों ने बलिया में उनके घर नोटिस चस्पा किया। हैरान-परेशान अखिलेश हरिद्वार से बलिया पहुंचे और एसपी एवं कर अधिकारियों को पूरी घटना बताई।
उन्होंने डिजिटल ठगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कर अधिवक्ता पंकज पांडेय ने बताया कि पूरे प्रकरण में अधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण एक सामान्य युवक डिजिटल स्कैम का शिकार हो गया। समय रहते अगर जीएसटी फॉर्म की पहले ही अधिकारियों द्वारा स्थलीय जांच किया गया होता तो सरकार के करोड़ों की टैक्स की भी चोरी नहीं होती।
उन्होंने कहा कि यह पूरा खेल सरकार के टैक्स के चोरी का है और इसका मोहरा एक कम जानकार एवं लाचार व्यक्ति ही गया है। यह मामला ऑनलाइन फ्रॉड का ऐसा ताजा उदाहरण है जो लोगों को सावधान करता है कि फेसबुक या अंजान लिंक पर नौकरी के झांसे से बचें, वरना जिंदगीभर का नुकसान उठाना पड़ सकता है।