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छात्रों द्वारा कापी जॉचने के मामले में शासन ने दी क्लीन चिट

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बलिया। करीब ढाई माह पहले नगर के रामपुर स्थित राजकीय आईटीआई के छात्रों की ओर से स्वयं कापी जांचने के वायरल वीडियो के मामले में संयुक्त निदेशक (आईटीआई) आजमगढ़ मंडल एसएन राम की रिपोर्ट पर शासन ने मामले में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है। संयुक्त निदेशक ने प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशक को बीते 18 जनवरी को अपनी रिपोर्ट प्रेषित की थी, जिसमें उन्होंने प्रधानाचार्य, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बलिया, सीयर तथा अन्य कर्मचारियों के बयान के आधार पर कहा है कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बलिया में दिसंबर 2021 के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्याकन संस्थागत अनुदेशकों द्वारा ही किया गया है एवं छात्रों द्वारा कापी जांचने की शिकायत की पुष्टि नहीं हो सकी।
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बता दें कि बीते वर्ष 23 दिसंबर को नगर स्थित राजकीय आईटीआई में छात्रों द्वारा कापियों के मूल्यांकन करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें स्कूल में पढ़ने वाले फीटर ट्रेड के द्वितीय वर्ष के दो छात्र अपनी और अन्य दूसरे प्राइवेट आईटीआई संस्थानों में हुई परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन करते दिख रहे थे। वायरल वीडियो में विद्यालय में लंबे समय से कार्यरत एक अनुदेशक और करीब 25 वर्षों से राजकीय आईआईटी में तैनात फोरमैन की देखरेख में रात में कॉपी जांची जा रही थी। तब विभागीय अधिकारियों ने मामले की जानकारी से इंकार किया था। वायरल वीडियो में फोरमैन कहते दिख रहे थे कि वो बच्चों से सहयोगी स्टॉफ का कार्य ले रहे हैं। स्कूल नियमावली के मुताबिक शाम पांच बजे के बाद सभी प्रकार की गतिविधियों पर पाबंदी रहती है। ऐसे में देर शाम निजी आईटीआई के बच्चों की कापी का मूल्याकंन करना और उसके लिए भी पढ़ने वाले छात्रों की मदद लेने ने विभाग की कार्यशैली को संदेहास्पद बना दिया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद जेडी आजमगढ़ ने जांच कमेटी बना दी, जिसने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट संयुक्त निदेशक को सौंप दी थी, जिसे जेडी ने 18 जनवरी को शासन को अग्रसारित कर दिया था।
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