नोटबंदी के चलते जिले के व्यापारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। ऐसे व्यापारियों की बेचैनी बढ़ गई है जो आज तक बिना टिन नंबर से ही अपना कारोबार करते आ रहे हैं। नोटबंदी का आदेश के बाद उनके लिए कारोबार करना मुश्किल हो गया है। उनके पास जमा भारी कैश को कहां खर्च करें, इस संकट को लेकर अपने कारोबार को दुरुस्त करने में लग गए हैं।
ऐसे में उनके लिए वाणिज्यकर विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना फायदेमंद साबित होगा। यहीं वजह है कि नोटबंदी के आदेश के बाद करीब 15 व्यापारियों ने टिन नंबर के लिए विभाग में आवेेदन कर दिया है। वाणिज्यकर उपायुक्त आरसी उपाध्याय ने बताया कि जिले में लगभग 6500 व्यापारी टिन नंबर लेकर छोटा बड़ा कारोबार कर रहे हैं।
पांच लाख से अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को टिन नंबर लेना आवश्यक होता है। टिन नंबर लेने के बाद व्यापारियों को कारोबार करने में काफी सहूलियत मिलती है। उनका दुर्घटना बीमा से लेकर तमाम तरह के टैक्स में रियायत भी मिलती है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी का आदेश होने के बाद जनपद के व्यापारियों में कुछ खलबली तो मची है।
ऐसे व्यापारी जो अब तक बिना टिन नंबर के अपना कारोबार कर रहे थे, उनकी सक्रियता दिख रही है। पिछले एक पखवारे के दौरान करीब 15 से 20 लोगों ने इसके लिए आवेदन भी किया है। आवेदन आनलाइन किया जाता है, जिसकी पड़ताल के बाद उसे स्वीकृति मिलती है।
नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता का कहना है कि नोटबंदी के आदेश से जिले का कुछ कारोबार भले ही प्रभावित हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि बिना लाइसेंस लिए कारोबार करने वाले व्यापारियों को खुद की गर्दन फंसती नजर आ रही है। ऐसे व्यापारी अब धीरे-धीरे वाणिज्यकर विभाग से टिन नंबर लेने के लिए आवेदन करना शुरू कर दिए हैं। टिन नंबर लेकर व्यापार करना व्यापारियों के हित में है।