रामगढ़। गंगा लाल निशान पार करने के साथ ही मीडियम फ्लड लेवल की ओर बढ़ चली है। जिसके चलते गंगा नदी की बैकरोलिंग धारा का दबाव अब सीधे गंगापुर डगरा के समीप पड़ रहा है। इसके चलते नदी का कटान सोमवार को तेज रहा। कटान को रोकने के लिए बाढ़ विभाग के अधिकारी फ्लड फाइटिंग के तहत हरे पेड़ों को काटकर नदी की धारा को रोकने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन तेज धारा में हरे पेड़ो का कहीं अता पता नहीं चल पा रहा लिहाजा बाढ़ विभाग हांफता नजर आया। कटान पीडि़तों के आरोप की समय रहते बाढ़ व कटान निरोधक कार्य पूरा कर लिए जाते तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर सोमवार की शाम 4 बजे 57. 68 मीटर दर्ज की गई साथ ही प्रति घंटा 1/ 3 सेंटीमीटर के वृद्धि का क्रम जारी है जबकि मीडियम फ्लड लेवल 58.720 मीटर है।
गंगापुर डगरा के सभी 4.71 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट के तहत लोहे की जाली में बोल्डर डालकर पलेट फार्म बनाने का काम शुरू हुआ था जो गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही बंद हो गया है। आज स्थिति यह है कि नदी अब सीधे एनएच 31 की ओर रुख कर दी है। जहां नदी व एनएच 31 के बीच मात्र 10 मीटर की दूरी है जिससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूलने शुरू हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जब फ्लड फाइटिंग के तहत ही काम करा कर विषम परिस्थिति में कटान को रोका जा सकता है तो करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट बनाने से क्या फायदा। जहां पर प्रोजेक्ट काम चल रहा है वहां पर ही कटान शुरू हो गया है ऐसे में बाढ़ विभाग के इंजीनियरों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्टों पर भी सवालिया निशान उठने शुरू हो गए हैं।