नगर के स्टेशन रोड़ में आयोजित होने वाले गणेश उत्सव के लिए मुंबई के दादर से लाई गई गणेश प्रतिमा।
बलिया। नगर के चौक स्टेशन रोड पर मराठी समाज और आसपास के सहयोग से चार दिवसीय गणेश उत्सव का आयोजन बुधवार से आरंभ होगा। इसके लिए पंडाल बनाने का काम जोर शोर जारी है। पूजा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने पंडाल और सजावट का जिम्मेदारी पंडाल वालों को ही सौंप दी है।
गणेश भक्त ट्रस्ट के ट्रस्टी पंकज भोसले ने बताया कि वर्ष 1975 में स्टेशन रोड पर छोटी सी प्रतिमा रखकर श्रीरंग भोसले, संपतराव जाधव और मोहन शिंदे ने समाज को एकजुट करने के लिए गणेश उत्सव का शुभारंभ किया था। उस समय पांच दिवसीय गणेश उत्सव कार्यक्रम होता था। बताया कि गणेश उत्सव के दौरान कव्वाली, मराठी गीत और टीवी बीसीआर के माध्यम से मनोरंजन किया जाता था। गणेश उत्सव के विसर्जन के दौरान गणेश प्रतिमा के साथ जुलूस निकालकर हाथी, घोड़े, ऊंट के साथ नगर का भ्रमण किया जाता था। गणेश भक्त ट्रस्ट के अध्यक्ष पोपट पाटिल ने बताया कि इस वर्ष गणेश प्रतिमा मुंबई के दादर से एक लाख रुपये में खरीदकर लाई गई है। इस बार की प्रतिमा पूणे के दंगडू सेठ हलवाई गनपति की प्रतिकृति के रूप में है। मूर्ति के निर्माण में प्राकृतिक रंग, साढू की मिट्टी और नारियल का भूसा तथा नगीना और एडी नग का इस्तेमाल हुआ है। कहा कि नेचुरल रंग से बनाई गई प्रतिमा से वातावरण प्रदूषित नहीं होगा। कहा कि गणेश उत्सव का कार्यक्रम 27 से 30 अगस्त तक चलेगा। गणेश उत्सव के दौरान 27 को गणपति की पूजा-अर्चना के साथ ही महाआरती का कार्यक्रम होगा। इसमें ढोल, नगाड़े, मंजीरा और झांझ से गणपति की महाआरती की जाएगी। बताया कि 30 अगस्त को हाथी, घोड़े, ऊंट के साथ ही पूरे नगर भ्रमण के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। उपाध्यक्ष सदाशिव शिंदे ने बताया कि वर्ष 2023 में गणपति की प्रतिमा के पीछे अयोध्या का मंदिर और राम की प्रतिमा की झांकी सजाई गई थी। वर्ष 2024 में लाल बाग के राजा के रूप में प्रतिमा स्थापित की गई थी। जबकि इस वर्ष 2025 में पूणे के दंगडू सेठ हलवाई गणपति की प्रतिकृति के रूप में स्थापित होगी।