बलिया। स्टांप एवं रजिस्ट्री विभाग की ओर से राजस्व बढ़ाने के लिए जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित माॅल, बैंक व दुकानों का सर्वे किया जाएगा। रजिस्ट्री कार्यालय में बिना रजिस्ट्रेशन के किराये के भवन में संचालित व्यापारी प्रतिष्ठान पकड़े जाने पर उनसे चार गुना जुर्माना वसूला जाएगा। विभाग एक वर्ष के कुल किराये पर दो प्रतिशत के हिसाब से रजिस्ट्रेशन फीस लेता है।
जनपद के शहर सहित विभिन्न कस्बों में व्यापारी प्रतिष्ठान भवन स्वामी से रजिस्ट्री कार्यालय में रजिस्ट्रेशन की जगह 11 माह का किरायानामा बनवाकर संचालित होते हैं। जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान होता है। वहीं, दुकान मालिक को महज एक से दो हजार रुपये में काम हो जाता है। विभाग में रजिस्ट्रेशन कराने पर एक वर्ष के कुल किराये का दो प्रतिशत शुल्क जमा करना होता है। बैंक व बड़े माल किसी किराये के भवन में खोलने से पूर्व कंपनी तीन से पांच वर्ष का भवन स्वामी से रजिस्ट्रेशन कराती है। लेकिन छोटी-मोटी कम्पनियां व दुकानदार रजिस्ट्रेशन फीस बचाने के लिए किरायानामा बनवा लेते हैं।
रजिस्ट्री विभाग को खराब प्रगति पर ई ग्रेड व प्रदेश में 73वां स्थान : प्रदेश में बलिया रजिस्ट्री विभाग को ई ग्रेड मिला है व 73वां स्थान मिला है। इसके बाद विभाग राजस्व बढ़ाने में जुट गया है। विभाग के कर्मचारी बाजार में भ्रमण कर बिना पंजीकरण कराने वाली दुकानों, माल, शोरूम का सर्वे करेंगे। सर्वे के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित व्यापारी प्रतिष्ठान पर एक वर्ष के कुल किराया का चार गुना फीस जुर्माने के तौर पर लेगें। न देने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होंगी। इसके दायरे में 100 रुपया माह से 10 लाख माह किराए देने वाले सभी प्रतिष्ठान आएंगे। विभाग सभी तहसीलों में सर्वे का खाका तैयार कर रहा है।