बलिया। बरसात के मौसम संक्रमित बीमारियों से लोग पीड़ित हो रहे हैं। स्क्रब टाइफस के 4 और जापानी इंसेफेलाइटिस के तीन मरीज मिले हैं। लेप्टोस्पारोसिस के भी 12 मरीज मिले हैं। वहीं, एक सप्ताह में डेंगू के 12 पाॅजिटिव मरीज मिले, जिनकी कुल संख्या 83 हो गई है।
स्क्रब टाइफस के चार मरीजों में तीन मरीज हनुमानगंज ब्लाॅक के कुम्हला व एक बांसडीह के मिश्रौलिया गांव का है। जापानी इंसेफेलाइटिस तीन मरीज अर्बन जगदीशपुर, सरयां ब्लाॅक सीयर, उत्तर टोला नवका बाबा ब्लाॅक मनियर और मुलायम नगर ब्लाॅक हनुमानगंज के हैं। सीएमओ डाॅ. विजयपति द्विवेदी ने बताया की लेप्टोस्पारोसिस के भी 12 मरीज मिले हैं। जिसमें चार मरीज हनुमानगंज ब्लाॅक, दो मरीज रसड़ा ब्लाॅक, दो मरीज सोहॉव ब्लाॅक , एक-एक मरीज चिलकहर, सियर, बांसडीह तथा बैरिया ब्लाॅक के हैं। मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। मरीजों के स्वास्थ्य की निगरानी गांव की निगरानी कमेटी कर रही है। संबंधित गांवों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव हो रहा है। एक सप्ताह में डेंगू के 12 पाॅजिटिव मरीज मिले, जिनकी कुल संख्या 83 हो गई है। सबसे ज्यादा पॉजिटिव मरीज अर्बन, हनुमानगंज, बैरिया तथा दुबहड़ ब्लाक में मिले हैं।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डाॅ. मनोज कुमार ने बताया की लेप्टोस्पारोसिस बीमारी के लक्षण आम बुखार की तरह ही होते हैं, लेकिन अगर सही समय पर इलाज न हुआ तो जानलेवा हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति को तीन-चार दिन तक बुखार रहता है। जिला पब्लिक हेल्थ अधिकारी डाॅ. अभिषेक मिश्रा ने बताया की सभी संक्रमित मरीजों की हालत ठीक है। कुछ मरीज लखनऊ व अन्य शहरों में मिले हैं। उसके बावजूद उनके परिजनों व गांवों में बचाव के लिए छिड़काव व जांच करवाई जा रही है।
बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग संक्रामक बीमारियों की चपेटे में : बाढ़ के बाद प्रभावित इलाकों में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान स्वास्थ्य विभाग चला रहा है, मगर इसका असर बाढ़ प्रभावित गांवों में दिखाई नहीं दे रहा है। प्रशासनिक लापरवाही से गांवों में ब्लीचिंग नहीं हो रही है। क्लोरोक्वीन की गोलियों का वितरण भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में नहीं कराया जा रहा। इन इलाकों में लोग डायरिया, वायरल फीवर, सर्दी, जुकाम व खुजली सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के चपेटे में हैं।