आजमगढ़ एसपी अनुराग आर्य
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सूचना के बाद भी समय रहते विधिक कार्रवाई न करना एसओ व एसएसआई को महंगा पड़ गया है। आजमगढ़ एसपी ने दोनों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है और जांच की जिम्मेदारी एसपी ग्रामीण को दी है। रानी की सराय थाना के सेठवल गांव निवासी राजबली पुत्र शिवनाथ मौर्य का मकान मनबढ़ों ने 17 अप्रैल को जेसीबी लगा कर जमींदोज कर दिया था।
पीड़ित ने इसकी सूचना थाने पर दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर सोमवार को पीड़ित ने एसपी अनुराग आर्य से शिकायत की। एसपी ने तत्काल एसपी सिटी शैलेंद्र लाल को मौके पर भेज कर शिकायत की जांच कराई। पीड़ित की शिकायत सही पाने पर एसपी के निर्देश पर थाने में छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा पंजीकृत हुआ।
पुलिस ने पीड़ित का मकान जमींदोज करने वाले बालचंद सोनकर, मखंचू सोनकर, भीम सोनकर, अर्जुन सोनकर, नकुल सोनकर व चंदन राजभर को रूदरी मोड़ आटो स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही मकान जमींदोज करने वाली जेसीबी को भी बरामद कर लिया है।
एसपी ने बताया कि इस प्रकरण में थाना प्रभारी दिलीप कुमार सिंह व एसएसआई नवल किशोर सिंह ने विधिक कार्रवाई में लापरवाही बरती है। जिसके चलते दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है साथ ही जांच एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ को सौंपी गई है। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे आम जन की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज करने व विधिक कार्रवाई करने में लापरवाही न बरते अन्यथा जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।