बलिया। बाढ़ प्रभावित इलाकों के सर्वे को लेकर राजस्व विभाग उदासीन बना हुआ है। सदर तहसील की ओर से अभी तक सोहांव ब्लॉक के गांवों व फसलों की बर्बादी को लेकर कोई रिपोर्ट तैयार नहीं कि गई है। उधर, कृषि विभाग ने सोहांव ब्लॉक के 44 गांवों को बाढ़ प्रभावित के तौर पर चिह्नित कर फसलों की क्षति का सर्वे शुरू कर दिया है।
करीब एक सप्ताह तक गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण आई बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर फसलों की क्षति हुई साथ ही सौ से अधिक गांव भी पानी से घिर गए। अब बीते कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार कम हो रहा है लेकिन राजस्व विभाग की ओर से गांवों व फसलों के सर्वे का काम शुरू नहीं किया गया है। इसे लेकर खासकर किसानों में आक्रोश है। उधर, कृषि विभाग ने फसलों का सर्वे करने की तैयारी कर ली है। जिला कृषि अधिकारी की मानें तो कर्मियों से मिली रिपोर्ट के आधार पर सदर तहसील के 44 गांव बाढ़ प्रभावित हुए हैं और फसलों को भी काफी क्षति हुई है। बताया कि किसानों को फसल बीमा का लाभ देने के लिए बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट संबंधित बीमा एजेंसी को भेजी जाएगी। बताया कि जो किसान फसलों का बीमा कराए हैं उन्हें लाभ देने की कवायद भी की जा रही है और बीमा एजेंसी को भी निर्देश दिया गया है। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार ने बताया कि विभागीय कर्मियों की रिपोर्ट में सदर तहसील के 44 गांव के किसानों की फसल बाढ़ प्रभावित हुई है। सर्वे कर सही आंकलन किया जाएगा।