इंदरपुर। शासन की ओर से गेंहू खरीद के लिए 15 जून अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। इसमें पांच दिन बाकी हैं। लेकिन इससे पहले ही क्रय केंद्राें पर ताला लटकने लगा है। खाद्य विभाग के नगरा क्रय केंद्र पर अंतिम तिथि के पहले ही ताला लटका मिला।
किसान 2600 प्रति क्विंटल साहूकारों के हाथों गेंहू बेचने के लिए घरों में डंप कर चुके हैंं। केंद्र प्रभारियों द्वारा अनुनय विनय के बाद किसान क्रय केंदों पर गेंहू देने के लिए तैयार नहीं हंै। खाद्य विभाग नगरा के क्रय केंद्र का लक्ष्य 7500 क्विंटल तय किया गया था। जिसके सापेक्ष केवल 2376 क्विंटल ही गेंहू खरीदा गया है। डोर टू डोर खरीद अभियान का भी कोई खास असर नहीं रहा।
सबसे खराब स्थिति बी पैक्स के समितियों का रहा है। बी पैक्स खारी के केंद्र प्रभारी लालबाबू सिंह ने बताया कि लक्ष्य आठ हजार क्विंटल खरीद का था, लेकिन 800 क्विंटल ही गेंहू की खरीद हुई। बी पैक्स कसौंडर के प्रभारी हरिंद्र सिंह के अनुसार लक्ष्य आठ हजार का था, लेकिन 1035 क्विंटल ही धान खरीदा गया।
इसी तरह बी पैक्स बाहरपुर के केंद्र प्रभारी सज्जाद ने बताया कि आठ हजार लक्ष्य के सापेक्ष 293 क्विंटल ही गेंहू खरीदा गया।
विपणन निरीक्षक, खाद्य विभाग द्वारा संचालित क्रय केंद्र के प्रभारी धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जो गेंहू किसानों के पास बचा है, वह क्रय केंद्रों पर देने के लिए तैयार नहीं हैं। इसका कारण है कि साहूकार 2600 रुपये प्रति क्विंटल घर जाकर खरीद कर रहे हैं। सरकारी रेट कम होने से किसान गेंहू को घरों में डंप कर दिए हैं। लक्ष्य पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकीं।