सिकंदरपुर। बलिया के करमौता से नवलपुर (देवरिया) तक प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग-727बी के चौड़ीकरण की परियोजना एक को बुधवार को नवानगर ब्लॉक के बनहरा गांव में किसानों ने रोक दिया।
इस दौरान किसानों का कहना था कि पहले हमारा हक़ चाहिए, फिर विकास होने देंगे। गांव के किसानों का आरोप है कि उनकी कृषि योग्य भूमि अधिग्रहित कर ली गई है। खेतों में खड़ी फसलें उजाड़ दी गईं, लेकिन अब तक उन्हें एक रुपया भी मुआवज़े के तौर पर नहीं मिला।
विरोध करने वाले किसानों में हर्ष कुमार, रिकी राय, पवन सिन्हा, संत कुमार सिन्हा, राज किशोर राम, कैलाश राम, बिनोद राय, राजेंद्र यादव और सतराम यादव आदि शामिल थे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनके बैंक खातों में मुआवज़े की राशि नहीं आती, तब तक निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। किसान राजेंद्र यादव ने बताया, दो साल पहले ज़मीन की नाप-जोख हुई। पेड़ काटे गए और खेतों को समतल कर दिया गया।
आज तक हमें कोई मुआवज़ा नहीं मिला। सरकार विकास चाहती है, हम भी चाहते हैं, लेकिन हमारी ज़मीन मुफ्त में न ली जाए। सूचना मिलते ही एनएचएआई के अधिकारी, क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक मुआवज़े की धनराशि उनके खातों में ट्रांसफर नहीं होती, तब तक सड़क पर कोई काम नहीं होगा।
प्रोजेक्ट मैनेजर कौशल कुमार ने कहा कि कुछ तकनीकी दिक्कतों से पेमेंट नहीं हो पाया है। जल्द ही सभी किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। उप जिलाधिकारी सुनील कुमार से जानकारी के लिए प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।