शारदीय नवरात्र के सातवें दिन सप्तमी पर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख देवी मंदिरों में तड़के से श्रद्धालुओं ने मत्था टेका और चुनरी, नारियल चढ़ाकर मन्नत मांगी। इस दौरान घंटा-घड़ियाल की गूंज से पूरा वातावरण गुंजायमान होता रहा। सुबह होते ही मंदिरों के सामने भक्तों की लंबी कतार लग गई।
नगर से सटे ब्रह्माइन स्थित मां ब्राह्मणी देवी व शंकरपुर स्थित मां शांकरी भवानी, छोड़हर स्थित रामजानकी मंदिर तथा कपूरी स्थित मां कपिलेश्वरी भवानी मंदिर में सप्तमी के दिन भक्तों का रेला उमड़ा। भक्तगणों ने मां का दर्शन किया और घंटा-घड़ियाल तथा शंख बजाकर परिवार के मंगलमय की कामना की।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में कोरंटाडीह स्थित मां मंगला भवानी, सुरहीं स्थित नवदुर्गा मंदिर, उचेड़ा स्थित चंडी भवानी तथा सोनाडीह स्थित भागेश्वरी-परमेश्वरी देवी मंदिर के दरबार में भक्तों ने दर्शन पूजन किए। यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। भक्तों के जयकारे और ध्वनी यंत्र से नगर से लेकर ग्रामीणांचलों देवीमय रहा। देवी मंदिरों को फूल व आधुनिक उपकरणों से सजाया गया।
पंडालों और झांकियों को देख मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
बेल्थरारोड। शारदीय नवरात्र के सप्तमी पर शाम तक दुर्गा प्रतिमाओं के पट खुल जाने के बाद पंडालों में झांकियों का दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर पूजा-पंडाल स्थापित किए गए हैं। नगर के हर-हर महादेव समिति, मानस मंदिर, बाल संघ, यंग क्लब, नवयुवग दुर्गा समिति, महात्मागांधी मार्ग, लोहापट्टी, यूनाइटेड क्लब, गांधी क्लब, त्रिमोहानी, सिविल लाइन, इंडियन क्लब, मधुबन ढाला, चौकिया मोड़, न्यू कालोनी आदि स्थानों पर स्थापित पूजा पंडालों में देवी-देवताओं की नयभिराम झांकियां सजाई गई हैं।