जिले के सभी ब्लाकों के गायत्री परिवार के कार्यकर्ताआें की बैठक बुधवार को गायत्री शक्तिपीठ महावीर घाट पर आयोजित की गई। इसमें अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार की ओर से आरंभ किए गए निर्मल गंगा जन अभियान का चौथा चरण आरंभ करने के लिए विचार विमर्श किया गया। साथ की कहा गया कि गंगा की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
बैठक को संबोधित करते हुए शांति कुंज हरिद्वार के केंद्रीय प्रतिनिधि आशीष कुमार सिंह ने कहा कि यह पूरी सृष्टि, प्रकृति तथा वन संपदा हमें अमानत के रूप में मिली है। इसकी सुरक्षा करना हम सबका परम कर्तव्य है। ऋग्वेद के अनुसार गंगा में ब्रह्म का रस बहता है।
गायत्री का स्थूल रूप गंगा ही हैं, तो सूक्ष्म शरीर ज्ञान की चेतना और सद्बुद्धि की देवी मानी गई हैं। गंगा दशहरा के दिन गंगा और गायत्री का जन्म होना गंगा के महत्व को दर्शाता है। इसी क्रम में हरिद्वार के केंद्रीय प्रतिनिधि सदानंद अंबेडकर ने कहा कि हमारे दो कार्य पूरे हो चुके हैं। साधनात्मक तथा प्रचारात्मक।
निर्मल गंगा जल अभियान के चौथे चरण के अंतर्गत रचनात्मक और संघर्षात्मक कार्यक्रम संपादित किया जाएगा। कहा कि गंगा को पूर्व रूप से स्वच्छ कराकर ही गायत्री परिवार के कार्यकर्ता चैन से बैठेंगे। इस मौके पर विवेकानंद सिंह, श्रीकांत प्रधान, पंकज श्रीवास्तव, दिनेश पांडेय, आशुतोष मिश्रा, श्रीराम तिवारी, देवेंद्र उपाध्याय, ललिता उपाध्याय, क्रांति पांडेय मौजूद थे।