विद्युत विभाग एकमुश्त समाधान योजना के जरिये राजस्व जुटाने में लगा है। यहां तक की अवकाश के दिनों में भी राजस्व पटल खोले जा रहे हैं। लेकिन अभी तक बीते 26 दिनों में 10 फीसदी भी बकायेदार योजना में शामिल नहीं हो सके।
विद्युत बकायेदारों को सहूलियत देने के लिए शासन की ओर से जिले में 20 अक्तूबर से एकमुश्त समाधान योजना लागू है। अधिकारियों की ओर से कुल दो लाख बकायेदारों को चिह्नित कर नोटिस भी भेजा गया। लेकिन अभी तक अधिकांश बकायेदारों ने विभागीय नोटिस का संज्ञान नहीं लिया है और बकाया जमा नहीं किया है।
बताया जाता है कि विभाग की ओर से इस योजना को लागू करने का मुख्य मकसद अधिक से अधिक राजस्व जुटाना था लेकिन बकायेदारों की मनमानी से अधिकारी परेशान हैं। अभी तक यह योजना केवल 30 नवंबर तक ही लागू है और करीब एक पखवारा ही शेष बचा है। ऐसे में विभाग अधिक से अधिक बकायेदारों से वसूली करने के प्रयास में है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अब तक 6176 उपभोक्ताओं की ओर से 2.35 करोड़ की धनराशि जमा की गई है जो कुल बकायेदारों के सापेक्ष 10 फीसदी भी नहीं हैं। विभाग वसूली के लिए जगह-जगह कैंप भी लगाने की तैयारी में है।
एकमुश्त समाधान योजना में अभी अपेक्षाकृत राजस्व की प्राप्ति नहीं हो रही है। अधिक राजस्व वसूली के लिए अवकाश के दिनों में पटल का संचालन किया जा रहा है। जल्द ही जगह-जगह कैंप भी लगाए जाएंगे।
- चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, बलिया