बैरिया। सोनबरसा में निर्माणाधीन 100 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा करने में 18 माह के सापेक्ष सात वर्ष लग गए। कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को पांच प्रतिशत धनराशि छोड़कर समूची धनराशि का शासन से भुगतान किया जा चुका है। विभाग के अनुसार शेष पांच प्रतिशत भुगतान अस्पताल हैंडओवर होने के बाद ही किया जाता है। अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं किए जाने से दो वर्ष पूर्व आईं 11 करोड़ से अधिक के जांच मशीनों को गोदामों में रखा गया है। जो कबाड़ हो रही हैं।
दो मई 20216 को 100 बेड के अस्पताल के निर्माण की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लक्ष्मण बाबा द्वाबा राष्ट्रीय इंटर काॅलेज के मैदान से की थी। दो करोड़ रुपये की प्रथम क़िस्त भी आ गई थी। लेकिन जमीन संबंधी विवाद में दो वर्ष का समय निकल गया। सरकार बदलने के बाद 07 जून 2018 को तत्कालीन सांसद भरत सिंह व तत्कालीन विधायक सुरेंद्र सिंह ने 100 बेड अस्पताल निर्माण के लिए शिलान्यास किया। उस समय 25.15 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य पूरा करना था। बाद में बजट बढ़कर 29.27 करोड़ हो गया।
अब भी बी ब्लाॅक में बिजली, पानी आपूर्ति का काम बाकी है। चिकित्सकों के आवास में फिनिशिंग व रंगाई-पुताई का कार्य चल रहा है। मई महीने में एडी आजमगढ़ ने अस्पताल का निरीक्षण कर जल्द अस्पताल को चालू करने का निर्देश दिया था। इसके बाद सीएमओ बलिया संजीव वर्मन संयुक्त राजकीय चिकित्सालय पर पहुंचकर बेड व अन्य उपकरणों को स्टाल कराने में लगे रहे। एक बार फिर अस्पताल में जांच मशीनों को स्टाल कराने का कार्य ठप पड़ गया है।
ए ब्लाॅक पहले ही बन गया है। बी ब्लाॅक का कार्य लगभग पूरा हो गया है। बिजली का कार्य बाकी है। चिकित्सकों के आवास के निर्माण को कार्य भी पूरा हो गया है। रंगाई-पुताई व फिनिसिंग का कार्य चल रहा है। अस्पताल का निर्माण पूरा कर 20 जुलाई तक हैंडओवर कर दिया जाएगा। - गोविंद कुमार, अवर अभियंता, राजकीय निर्माण निगम
महिला वार्ड, लेबर रूम पर ताला : सीएचसी सोनबरसा के महिला वार्ड, लेबर रूम, ओपीडी पर ताला लटका हुआ है। अब तक तैनात की गई स्टाफ नर्स अस्पताल नहीं पहुंची है। न ही कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ ही उपलब्ध है। रोज पांच से आठ प्रसूताओं को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। अस्पताल पर कोई भी चिकित्सक अधीक्षक पद का जिम्मा लेने के लिए तैयार ही नहीं है।