पंदह। पौधरोपण महाअभियान के तहत लगाए गए पौधों की जियो टैगिंग कार्य आठ विभागों ने पूरा नहीं किया है। जिला पौधरोपण समिति की बैठक में स्थिति की समीक्षा के दौरान आठ विभागों की कार्यशैली पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने नाराजगी जाहिर की। सभी विभागों को पत्र जारी कर डीएम ने 31 अगस्त तक हर हाल में सौ प्रतिशत जियो टैगिंग पूरा करने का निर्देश दिए थे।
जिले में 9 जुलाई को संचालित पौधरोपण महाअभियान के तहत विभिन्न विभागों द्वारा 7202 स्थलों पर 30,22,800 पौधे लगाए गए थे। इसके मुकाबले अभी तक 6462 स्थलों के 29,32,613 पौधों की ही जियो टैगिंग हो पाई है। जियो टैगिंग में सबसे खराब स्थिति सहकारिता विभाग की है। विभाग ने 138 स्थलों पर 8900 पौधे लगाए थे लेकिन अभी तक केवल 13 स्थलों के 501 पौधों की ही टैगिंग हो पाई है, जो लक्ष्य का महज 5.63 प्रतिशत है।
वहीं राजस्व विभाग ने 433 स्थलों पर 1.38 लाख पौधरोपण किया था, जिसमें से अभी सिर्फ 142 स्थलों और 47,250 पौधों की ही जियो टैगिंग पूरी हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग ने 2092 स्थलों पर लगाए गए 36 हजार पौधों में से केवल 14,730 पौधों की जियो टैगिंग की है। माध्यमिक शिक्षा विभाग भी लक्ष्य से पीछे है। विभाग द्वारा लगाए गए 30 हजार पौधों में से 21,324 पौधों की टैगिंग हुई है, जो मात्र 71.08 प्रतिशत है। ऊर्जा विभाग ने 52 स्थलों पर लगाए गए 6500 पौधों के सापेक्ष 4107 पौधों की जियो टैगिंग पूरी की है।
कृषि विभाग की स्थिति भी चिंताजनक है। विभाग ने 449 स्थलों पर 5,10,800 पौधे लगाए थे लेकिन जियो टैगिंग में केवल 1,35,830 पौधों तक ही काम पहुंच पाया है। नगर विकास विभाग ने 120 स्थलों पर लगाए गए 25,700 पौधों में से महज 20,556 पौधों की टैगिंग की है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने 134 स्थलों पर लगाए गए 19,400 पौधों में से 17,432 पौधों का ही टैग कार्य पूरा किया है।
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औसतन 57 प्रतिशत पर अटके आठ विभाग
आंकड़ों के अनुसार विभिन्न विभागों में जियो टैगिंग की रफ्तार बेहद धीमी है। आठ प्रमुख विभागों ने औसतन 57 प्रतिशत कार्य ही पूरा किया है जबकि 43 प्रतिशत पौधे अब भी बिना टैगिंग के हैं। जिलाधिकारी ने इस लापरवाही को गंभीर बताते हुए कहा कि जियो टैगिंग से ही पौधरोपण की वास्तविक संख्या और स्थान का सत्यापन संभव हो सकेगा। ऐसे में यदि कार्य तय समय सीमा तक पूरा नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी कर अवशेष कार्य शीघ्र पूरा कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।