बलिया। शहर से सटे माल्देपुर व खोड़ीपाकड़ के सामने स्ट्रीम कटर से गंगा की कटान को रोकने की कवायद है। नदी की धारा करीब आ जाने से एनएच-31 पर खतरा मंडराने लगा है। गंगा नदी के कटान से बचाने के लिए लगभग 15 करोड़ से कटानरोधी कार्य चल रहा है। इसमें बोल्डर के साथ ही पिचिंग का कार्य होगा। लगभग 15 करोड़ की लागत से माल्देपुर के सामने कटान रोकने के लिए 500 मीटर तक अवरोधक बनेगा।
इसमें बोल्डर के साथ ही उसकी पिचिंग का कार्य होगा, जिससे उसकी मजबूती बनी रहेगी। कटान को रोकने के लिए 13 कटर बनाए जा रहे हैं। इन कटरों के बीच पिचिंग का कार्य किया जा रहा है। इस कटर के बनने से एनएच-31 पर खतरा कम हो जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि एनएच-31 से गंगा नदी की दूरी मात्र आठ सौ मीटर पर है। इसके बाद तेजी से बाढ़ के समय हुए तेज कटाने को देखते हुए बाढ़ विभाग ने कार्य योजना तैयार किया था। क्षेत्र के कई एकड़ भूमि भी गंगा में समाहित हो गई है। कटर से उम्मीद है कि नदी की धारा मुड़ जाएगा। अधिशासी अभियंता बाढ़ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि बाढ़ निरोधात्मक कार्य चल रहे है। माल्देपुर के सामने नदी की धारा मोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।