जनपद के होमगार्ड व पीआरडी जवानों ने नियमित ड्यूटी तथा पुलिस कर्मियों
के बराबर मानदेय देने के लिए तीसरे दिन बुधवार को भी जिलाधिकारी के
कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और पूरे दिन धरने पर बैठे रहे। इस दौरान
अपने विभिन्न मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
कहा कि सरकार अपने वादे
पर खरा नहीं उतर रही है। जिससे उनका पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच
गया है।
कलेक्ट्रेट में आयोजित धरना सभा को संबोधित करते जिलाध्यक्ष
कमलेश कुमार पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार के गलत नीतियों के चलते हम
भुखमरी के शिकार हो रहे है।
एक तरफ शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के रुप
में रखा जा रहा है। जबकि हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
कहा कि हम लोगों से लोकसभा, विधानसभा, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आदि के समय
ड्यूटी ली जाती है। लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद ही ड्यूटी से किनारा
कर लिया जाता है।
कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में तैनात पूरी तन्मयता से
ड्यूटी कर रहे है। हम अपने परिवार का भरण पोषण भी नहीं कर पाते है। कहा कि
होमगार्ड एवं पीआरडी के जवानों का परिवार इस समय तंगहाली एवं भुखमरी के
दौर से गुजर रहा है। सूबे की सरकार ने होमगार्ड और पीआरडी के जवानों के
बारे में आज तक कोई निर्णय नहीं लिया।
पीआरडी और होमगार्ड के जवानों ने
चेताया कि अगर हम लोगों की मांगे नहीं मानी गई तब तक अपना आंदोलन जारी
रखेंगे। मांग किया कि अन्य जनपदों की भांति बलिया में भी होमगार्ड और
पीआरडी के जवानों की ड्यूटी लगाई है। 500 होमगार्ड और पीआरडी के जवानों को
प्रतिमाह ड्यूटी लगाई जाए।
कहा कि पुलिस कर्मचारियों के बराबर मानदेय
दिया जाए। इस मौके पर किशोर राम, मनोज तिवारी, रणजीत, रामध्यान, मृत्युंजय
तिवारी, लाल साहब, सुरेद्र प्रसाद, त्रिलोकी नाथ, त्रिलोकी मिश्र, किरन,
रानी, शोभा,अशोक कुमार ठाकुर, गोपाल कृष्ण पाठक, मोनिका, मुन्ना यादव,
आदि शामिल रहे।