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परमंदापुर महिला प्रधान समेत दो शूटर गिरफ्तार

Tue, 02 Feb 2016 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
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शहर कोतवाली क्षेत्र के रोडवेज बस स्टैंड के पास 18 दिन पहले हुई सींचपाल गुफरान उल्लाह की हत्या की साजिश पहले ही जिला जेल में रची गई थी जिसे भाड़े के शूटरों ने अंजाम दिया था।
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हत्या की वजह हत्यारोपी की जमानत और ग्राम प्रधान के चुनाव में विरोध करना था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए सोमवार की देर शाम परमंदापुर की महिला ग्राम प्रधान और दो शूटरों को गिरफ्तार कर लिया।


 मंगलवार को मनोरंजन हॉल में पत्रकारवार्ता कर एसपी अनीस अहमद अंसारी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके में 15 जनवरी को सरेराह सींचपाल  गुफरान उल्लाह की हत्या के मामले में सीओ नगर कृष्णचंद्र सिंह की देख-रेख में
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 शहर कोतवाल इल्ताफ हुसैन, स्वाट प्रभारी सुशील कुमार शुक्ल की संयुक्त टीम ने तफ्तीश में पाया कि सहतवार नगर पंचायत निवासी धनजी कुंवर और शहर कोतवाली के परमंदापुर निवासी मुन्ना खां अयूब और उसकी पत्नी व ग्राम प्रधान परमंदापुर रेशमा खातून ने मिलकर हत्या का षड्यंत्र रचा।

हत्या के दौरान धनजी कुंवर तथा मुन्ना खां अयूब जेल में निरुद्घ थे।

 सींचपाल की हत्या के लिए बनी योजना को अंजाम तक पहुंचाने के लिए शहर कोतवाली क्षेत्र के परमंदापुर निवासी इमरान खां ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इमरान के सहयोग से भाड़े पर दो शूटर बुलाए गए। शूटरों में मुख्य रूप से बांसडीहरोड थाने के शीतल दवनी निवासी सूरज यादव और सिकंदरपुर थाने के फुलवरिया निवासी रोहित राय शामिल हैं।

दोनों इस समय बिहार के बक्सर के मुसाफिरगंज स्टेशन के पास रहते हैं। दोनों ने डेढ़ लाख में हत्या का सौदा तय किया और घटना को अंजाम दे दिया।


जनपद पुलिस ने सारी जानकारी एकत्रित करने के बाद सोमवार को देर शाम मुखबिर की सूचना पर रोहित को फेफना थानाअंतर्गत राजू ढाबा से कुछ दूरी पर स्थित एक पुल के पास से धर दबोचा।

 जबकि दूसरे साथी सूरज को बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के सोनाडाबर मोड़ से गिरफ्तार कर लिया गया। उधर महिला ग्राम प्रधान रेशमा खातून को मंगलवार की सुबह घर से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की माने तो सींचपाल की हत्या की वजह मुन्ना खां के सेशन अदालत और हाईकोर्ट में जमानत का विरोध करना बताया गया है।

 सजा कराने में गवाही देने के साथ ही ग्राम प्रधान चुनाव में विरोध करना भी मूल वजह है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक और आरोपी इमरान खां की तलाश जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा, पांच कारतूस और एक खोखे के साथ ही एक बाइक बरामद की है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों का पुलिस ने संबंधित धाराओं में चालान कर दिया।


शहर कोतवाली क्षेत्र के परमंदापुर निवासी सींचपाल की हत्या जिला कारागार में रची गई थी। पुलिस सूत्रों की माने तो इस संबंध में जेल से मोबाइल पर कई बार बात की गई थी।

इसका खुलासा पुलिस टीम ने भी अपनी छानबीन में की है। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए दोनों शूटर जेल में निरुद्ध सहतवार के इनामिया बदमाश धनजी कुंवर के गिरोह से जुड़े हैं। शूटरों को पहले ही 90 हजार रुपये दिया जा चुका है। जबकि 60 हजार रुपया अभी लेना बाकी था।


सींचपाल की हत्या के बाद मृतक के चाचा कमरूदीन खां ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। जिसमें आरोप लगाया गया था कि गुफरान उल्लाह की हत्या में जियाउल भोला, इमरान खां, मुन्ना खां सहित दो अज्ञात लोग शामिल हैं।


जबकि पुलिस ने जांच में जियाउल भोला पर हत्या का आरोप गलत पाते हुए बरी कर दिया है और चार नये नाम सूरज, रोहित, धनजी कुंवर और रेशमा खातून का नाम विवेचना के दौरान प्रकाश में आए हैं। इनमें से तीन आरोपियों को पुलिस ने संबंधित मुकदमें में चालान कर दिया। जबकि दो आरोपी मुन्ना खां और धनजी कुंवर पहले से जेल में है।



शहर कोतवाली क्षेत्र के परमंदापुर निवासी सींचपाल गुलफरान उल्लाह को गोली माकरकर हत्या के दौरान उसकी बेटी मौके पर मौजूद रही। हत्या की घटना को वह 18 दिन बाद भी भूल नहीं पाई है। अब भी नींद में वह अपने पापा को बचाने के लिए चिल्लाती है। आलम यह है कि दिन हो या रात वह काफी भय में रह रही है।


पुलिस की माने तो सींचपाल की हत्या में शामिल हत्यारोपी रोहित संपन्न परिवार का है। उसके पिता हृदय नारायण राय रेलवे में डीआरएम के पद इलाहाबाद में तैनात थे। उनकी मौत 1998 में सड़क दुर्घटना में हो गई थी। आरोपी वर्तमान में इलाहाबाद से बीकाम कर रहा है। वह शौक के तौर पर सुपारी लेकर हत्या करता है।
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