बलिया। सीडीओ प्रवीण वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पेंशनर दिवस का आयोजन हुआ। सभी विभागों से आए पेंशनरों की समस्याएं सुनी गईं। चिकित्सा विभाग के पेंशनरों ने वरिष्ठ कोषाधिकारी ममता सिंह से बताया कि पेंशनर बुजुर्ग हो गए हैं। उन्हें आने जाने में बहुत परेशानी होती है। उनकी समस्यायों को जल्द से जल्द निस्तारित किया जाए। फैमिली पेंशन के संबंध में भी लोगों की समस्याएं सुनी जाएं।
पेंशनरों ने कहा कि पेंशनरों की मौत हो जाने पर उनके आश्रितों को पेंशन के लिए परेशान होना पड़ता है। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा। जो पेंशनर जिले से बाहर चले गए हैं वह लोग ऑनलाइन अपने प्रमाण पत्र जमा करके भी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। पेंशनरों का कहना था कि बहुत से पेंशनर बीमार हैं। इनकी पेंशन का अधिकांश हिस्सा उनकी चिकित्सा पर खर्च होता है। इसका ध्यान रखा जाए। इस पर वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए महीने की पहली तारीख को ही सभी पेंशनरों का पेंशन उनके खाते में भेज दिया जाता है। वन विभाग के पेंशनरों का कहना था कि तीन साल से उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। प्रोविजनल पेंशन पर वह लोग जीवन यापन कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जिन लोगों को भी प्रोविजनल पेंशन मिल रही है उनका मामला कोर्ट में चल रहा है। सीडीओ ने अधिकारियों से कहा कि पेंशनरों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। क्योंकि पेंशनर भी कभी हमारे ही साथी रहे हैं। कल हम सभी सरकारी कर्मचारी भी पेंशनर ही होंगे। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने कहा कि जनपद में 24000 पेंशनरों की सुविधा के लिए पेंशन भवन का भी निर्माण किया गया है। इस भवन में उनके लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है।