बलिया। जनपद के मालवीय मुरली मनोहर की 127वीं जयंती में छत्तीसगढ़ के पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति शम्भूनाथ श्रीवास्तव ने कहा कि मुरली बाबू का जीवन देश व समाज के लिए समर्पित था। उनकी ओर से स्थापित पांच शैक्षणिक संस्थान उनके कर्मयोग का अमृत हैं। मुरली मनोहर टाउन इंटर कॉलेज के प्रांगण में शुक्रवार को टाउन एजुकेशनल सोसायटी की ओर से आयोजित समारोह में पूर्व लोकायुक्त ने मुरली बाबू के जीवन को गीता से सम्बद्ध करते हुए कहा कि गीता में नियति योग की व्याख्या की गई है। नियति योग से ही कर्मयोग योग का निर्माण होता है।
मुरली बाबू का नियति योग देश व समाज सेवा करना था। उन्होंने कर्मयोग से देश व समाज की सेवा की और ये पांच शैक्षणिक संस्थान स्थापित कर अपने कर्मयोग के यज्ञ को पूरा किया। विशिष्ट अतिथि जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि मुरली बाबू उनके लिए अत्यंत पूजनीय व्यक्ति थे। उनका व्यक्तित्व जितना विराट था जीवन उतना ही सरल था। हम सभी को उनके आदर्शों पर चलने की लिए कृतसंकल्प होना चाहिए। कुलपति ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि वह जब माल्यार्पण करने प्रतिमा स्थल पर पहुंचीं तो प्रतिमा पर धूल पड़ी थी। उन्होंने अपने हाथ से धूल को साफ किया। कुलपति ने इसे दु:खद बताते हुए कहा कि प्रतिमा की रोज सफाई होनी चाहिए और माला पहनाई जानी चाहिए। सचिव राकेश कुमार ने मुख्य अतिथि एवं संरक्षक का स्वागत करते हुए उनका परिचय कराया। समारोह में मुरली बाबू द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थानों श्री मुरली मनोहत टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गुलाब देवी स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय, टाउन पॉलिटेक्निक, गुलाब देवी बालिका विद्यालय और श्री मुरली मनोहर टाउन इण्टर कॉलेज के शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारी और छात्र उपस्थित थे। सभी विद्यालयों के प्राचार्य और प्रधानाचार्य ने विद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। शैक्षणिक संस्थानों के मेधावी व प्रतिभावान छात्रों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक कुमार वर्मा और सचिव राकेश कुमार द्वारा मुख्य अतिथि व संरक्षक को स्मृति चिह्न और अंग वस्त्रम से सम्मानित किया गया। समारोह में श्री मुरली मनोहर टाउन महाविद्यालय के सचिव सुधीर कुमार, गुलाब देवी महिला महाविद्यालय के अध्यक्ष बाल कृष्ण अग्रवाल एवं सचिव कमलेश श्रीवास्तव, गुलाब देवी इंटर कॉलेज के अध्यक्ष रविन्द्र नाथ लाल आदि उपस्थित थे। संचालन डॉ. दयाला नंद एवं डॉ. अशोक सिंह ने किया। अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक वर्मा ने किया।