बलिया। ऐतिहासिक ददरी मेले के आयोजन के लिए प्रशासन व नगर पालिका परिषद बलिया चेयरमैन के बीच चल रहे विवाद में शासन और जिला प्रशासन अब कार्रवाई के मूड में आ गया है। मंगलवार की शाम शासन ने मेले के आयोजन का अधिकार जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को देते हुए चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाई लाल को उनके अधिकार सीज करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा है। शासन से जारी नोटिस का चेयरमैन के चंद्रशेखर नगर स्थित आवास पर प्रशासनिक अधिकारियों ने तामीला कराते हुए चस्पा कर दिया। इससे चेयरमैन के समर्थकों में नाराजगी है।
2025 में भी ददरी मेले का आयोजन नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष के नेतृत्व में करने के लिए बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें मेले के लिए भूमि लिए जाने के लिए काश्तकारों को 100 रुपये प्रति डिस्मिल देने का निर्णय हुआ। इसके बाद भूूमि लेने की प्रक्रिया भी शुरू हुई लेकिन अधिशासी अधिकारी के बार-बार अनुरोध के बाद भी चेयरमैन ने फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं किए। इससे ददरी मेले के आयोजन की प्रक्रिया समय से पूरी नहीं हो पा रही थी। इसके लिए सीडीओ समेत कई अधिकारियों ने चेयरमैन से वार्ता की, लेकिन उन्होंने हस्ताक्षर नहीं किए। ऐसे में विलंब होते देख डीएम ने शासन को आख्या के साथ अवगत कराया। इस पर 28 अक्तूबर को प्रमुख सचिव दुर्गा प्रसाद पोराला ने ददरी मेले के आयोजन के निर्णय का अधिकार जिलाधिकारी को देते हुए चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसका नोटिस चस्पा होते ही चेयरमैन समर्थकों में खलबली मच गई है। नोटिस चस्पा करने के लिए पहुंचे अधिकारियों के सामने नपा चेयरमैन के समर्थकों ने नारेबाजी भी की।
अधिकार सीज करने के लिए ददरी मेले को बनाया आधार
जिला प्रशासन ने चेयरमैन के अधिकार सीज करने के लिए ददरी मेले को आधार बनाया है। जारी नोटिस में कहा कि 2024 में जिला प्रशासन के नेतृत्व में मेले का आयोजन किया गया था। आयोजन में 56,92,701 रुपये की बचत हुई थी। इस साल आयोजन में 78,46,3711 आय और खर्च 21,53,670 रुपये हुए थे। वहीं, इससे पहले नगर पालिका के नेतृत्व में आयोजन होते थे। वर्ष 2023 में ददरी मेले के आयोजन में 9,529 रुपये का घाटा हुआ था। पालिका को आय 66,67,076 और खर्च 66,76,605 रुपये हुए थे। इसी तरह वर्ष 2022 में 610501 रुपये, वर्ष 2021 में 804224 रुपये, वर्ष 2020 में 204028 रुपये का घाटा हुआ था। प्रशासनिक व्यवस्था से आय में वृद्धि हुई थी।
मेरे अधिकारों को छीनने की साजिश : चेयरमैन
बलिया। नगर पालिका परिषद बलिया के चेयरमैन संत कुमार उर्फ मिठाई लाल ने कहा कि प्रशासन साजिश के तहत मेरे अधिकारों का छीनना चाहता है। नोटिस में स्पष्ट है कि प्रशासन ने 16 अक्तूबर को ही शासन को मेरे खिलाफ पत्र भेजा था, जबकि 23 अक्तूबर को परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई बैठक में साफ कहा था कि नगर पालिका परिषद की अध्यक्षता में ही ददरी का मेला लगेगा। प्रशासन ने मंत्री को भी अंधकार में रखकर यह कार्रवाई की है। नपा चेयरमैन मंगलवार की देर शाम को चंद्रशेखर नगर स्थित आवास पर प्रेस से वार्ता में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मंत्री की उपस्थिति में मिले आश्वासन पर मैंने अगले दिन प्रेसवार्ता की और सभासदों के साथ बैठक की थी। इसके बाद मेला क्षेत्र में गया और भूमि की नापी कराई लेकिन कुछ देर में प्रशासनिक अमला पहुंच कर दुर्व्यवहार पर उतारू हो गए। जोर देते हुए कहा कि मकान हमारा व चाभी किसी और के पास यह नहीं चलेगा। कहा कि प्रशासन ने परिवहन मंत्री को भी अंधकार में रख कर यह सब कार्रवाई की है। प्रशासन के इस कृत्य के खिलाफ संवैधानिक रूप से लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए सभासदों के साथ बैठक होगी। उसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आरोप लगाया कि प्रशासन ने मेले को दुधारू गाय समझ रखा है। इसलिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। कहा कि ददरी का ऐतिहासिक मेला नगर पालिका परिषद बलिया लगाएगी, लगाती रही है और लगाती रहेगी। इसमें प्रशासन को कोई भ्रम नहीं होना चाहिए। अपने ऊपर लगे गबन के आरोप पर कहा कि अभी 2023 के मेले का कई कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान बाकी है। प्रशासन से 15 बिंदुओं पर सहमति बनी थी। फाइल साइन न करने के सवाल पर कहा कि मेरे पास कोई फाइल हस्ताक्षर के लिए नहीं है। ऐसे में प्रशासन की भूमिका संदिग्ध है। अधिकारी बेलगाम हो गए हैं। प्रशासन नपा के मेरे खातों को सीज करना चाहता है, जिससे भाजपा की सरकार बदनाम हो। इस मौके पर सभासद अमित यादव, सुमित कुमार मिश्रा, यशवंत सिंह, मनोज कुमार गुप्ता, पवन गुप्ता आदि मौजूद थे।