बलिया। मौसम के उतार चढ़ाव के साथ ही जुकाम का स्वरूप बदल गया है। कई दिनों तक गले में जकड़न के साथ दर्द और आवाज में भारीपन हो रहा है। जिला अस्पताल में इस प्रकार के रोगियों की तादाद अधिक हो गई है। सौ में से तीस लोग इस समस्या से पीड़ित होकर आ रहे हैं। चिकित्सक इसे गले की एलर्जी बता रहे हैं। अधिक दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के ओपीडी में रोज औसतन 1500 से 1600 मरीज आ रहे हैं। इनमें वायरल फीवर के मरीजों की संख्या इन दिनों तीन सौ के पार पहुंच गई है। चिकित्सकों के अनुसार ठंड, गर्म और वायु प्रदूषण से जिनको एलर्जी है, उन लोगों को सर्दी परेशान कर रही है। कई दिनों तक जकड़न के साथ ही सिर में हमेशा दर्द, गले में खराश के साथ आवाज भारी हो जा रही है। नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के पास ओपीडी में प्रतिदिन 85 मरीजों में 25 मरीज इस समस्या वाले होते हैं। इन्हें आवाज में दिक्कत के साथ ही खाते और पानी पीते समय गले में दर्द की शिकायत है। चिकित्सक दवा देने के साथ ही मरीजों को घरेलू उपचार करने की सलाह दे रहे हैं। डाॅ. शैलेंद्र कुमार के मुताबिक इस बार मौसम में अलग तरह का बदलाव है। दिन में तेज धूप और सुबह व रात में कड़ी ठंड व वायु प्रदूषण से कम इम्युनिटी वालों की परेशानी बढ़ी है। कहा कि पानी गुनगुना करके पीएं, गर्म पानी का भाप लें, गले की दिक्कत दूर करने के लिए गर्म पानी नमक मिलाकर गरारा करें।