बलिया बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
- फोटो : अमर उजाला
बलिया बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी दिलाने में अहिंसा और क्रांति दोनों की अहम भूमिका है। नौ से 19 अगस्त के बीच बलिया जिले के कोने-कोने में आजादी के मतवालों ने सरकारी संस्थानों पर कब्जा कर न सिर्फ तिरंगा लहराया बल्कि स्वघोषित सरकार भी बना डाली। इसकी गूंज लंदन तक पहुंच गई थी। बलिया का मतलब है स्वाभिमानी, सम्मान से जीने वाले लोग, ये भृगु बाबा और पूर्व पीएम चन्द्रशेखर की धरती है। बलिया की धरा से निकली आवाज पूरे भारत वर्ष में जाएगी। स्वतंत्रता व अमर सेनानियों के सपने को पूरा करने के लिए हमें पीएम की अगुवाई में मुहिम चलानी चाहिए, उसकी शुरुआत बलिया की धरती से हो।
बलिया बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
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पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में आयोजित जनसभा में डिप्टी सीएम ने कहा कि बलिया साधारण धरती नहीं है। अंग्रेजों को यहां के क्रांतिकारियों के आगे झुकना पड़ा। इससे पहले डिप्टी सीएम, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह समेत अन्य अतिथियों ने सेनानी राजकुमार ‘बाघ‘ की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर नमन किया। जिले के एकमात्र जीवित सेनानी रामविचार पांडेय को चार पहिया वाहन और 75 सेनानी परिजनों को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया गया।