नरही। लोकतंत्र रक्षक सेनानी सुमंगल प्रकाश राय (83) बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। राजकीय सम्मान के साथ भरौली गंगा तट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े पुत्र विश्वजीत राय ने मुखाग्नि दी।
लोकतंत्र रक्षक का निधन मंगलवार को सुरही गांव स्थित उनके आवास पर हो गया। बुधवार को अंतिम संस्कार में राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने भी अर्थी को कंधा दिया। स्व. राय 60 साल पहले इलाहाबाद और लखनऊ विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण करने के बाद गांव में रहकर साथी रामजी राय के साथ गांव के बच्चों के बीच नि:शुल्क शिक्षा की अलख जगाते रहे। शिक्षा का ऐसा माहौल बनाया कि गांव से बाहर आज भी शिक्षा का डंका बज रहा है। इमरजेंसी के दौरान 22 महीने जेल में रहे। उनके सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मौके पर सीओ सदर जगवीर सिंह चौहान, थाना प्रभारी योगेंद्र बहादुर सिंह, नायब तहसीलदार, कानून गो, लेखपाल के अलावा डॉ. अखिलेश राय, रामजी राय, लाल बच्चन, दयाशंकर राय, शिवपाल राय, कंचन कुमार राय, राकेश ओझा, सर्व चंद राय, हरेंद्र यादव, प्रधान शिवजी गोंड, अशोक यादव, तेज प्रताप यादव आदि रहे।