ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण और कंस्ट्रक्शन पर पांच हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा। विभाग की ओर से मार्च 2022 से पहले भूमि की खरीद पूरा करने का दावा किया गया था। अप्रैल 2022 से ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही गई थी।
तीन वर्ष में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। सदर और बैरिया तहसील के गांवों के किसानों से लगभग 765 हेक्टेयर भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। भूमि खरीद के लिए थ्री डी का प्रकाशन काफी पहले हो गया है। इस बीच पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से ग्रीनफील्ड को जोड़ा भी जाना है। विशेष भूमि अध्यप्ति कार्यालय के अनुसार सीमांकन का कार्य अगले माह शुरू हो सकता है।
इसके लिए संबंधित एसडीएम और तहसील को आदेश भेजा जा चुका है। यूपीडा और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम भूमि का सीमांकन करेगी। इसके बाद किसानों से भूमि की खरीद शुरू की जाएगी।
अवनीश अवस्थी से फोन पर बातचीत के बाद बैरिया स्थित कार्यालय पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे को मांझी तक नहीं पहुंचने का मलाल बलिया जनपद के लोगों को था। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाए जाने के कार्य में गतिशीलता आएगी।