दिल्ली एसटीएफ के जवानों ने स्थानीय पुलिस को बिना सूचना दिए शनिवार की रात सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन के पास से एक युवक को उठा लिया। उधर युवक का कथित अपहरण स्थानीय पुलिस के लिए परेशानी का सबब बन गया। स्थानीय पुलिस पूरी रात बिहार के मांझी, रिविलगंज, लालगंज, शिवपुर घाट, नौरंगा घाट, दुबेछपरा व दुमाईगढ़ घाट के तरफ भटकती रही। न युवक की जानकारी मिली न ही संबंधित कार का सुराग मिला। उठाए गए युवक के फोन पर एसएचओ बार-बार फोन करते रहे, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया।
हार थक कर सीओ उस्मान, एसएचओ धर्मवीर सिंह व अन्य पुलिस वाले लौट गए। रविवार की सुबह सात बजे दिल्ली एसटीएफ के जवान कार से युवक गोलू यादव को लेकर थाने पहुंचे। इसके बाद एसएचओ ने संबंधित जवानों से झड़प भी हुई। एसएचओ ने कहा कि स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए। आप लोगों ने फोन का भी जवाब नहीं दिया। एसएचओ की बातों का दिल्ली एसटीएफ के पास कोई जवाब नहीं था। बाद में गोलू को यह कहते हुए सुपुर्दगी में देकर चले गए कि इस युवक ने कोई अपराध नहीं किया है। आवश्यक लिखा पढ़ी के बाद पुलिस गोलू को उसके परिजनों को सौंप दिया।
दिल्ली में एक एफआईआर दर्ज हुई है। उसी सिलसिले में दिल्ली एसटीएफ बैरिया थाना क्षेत्र के चार-पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को नहीं मिली थी। एक युवक के परिजनों के शिकायत पर बैरिया पुलिस ने तहकीकात करनी शुरू की तो पता चला कि दिल्ली एसटीएफ है। पूछताछ के दौरान उक्त युवक बेकसूर निकला। जिसे एसटीएफ ने छोड़ दिया है।
उस्मान, क्षेत्राधिकारी, बैरिया