फेफना थाना क्षेत्र में 16 मई को माल्देपुर घाट के पास गंगा किनारे अधजला लावारिस शव मिला था। उसे कुत्ते नोच रहे थे। मल्लाहों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाने से पांच सिपाही मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसी भी शव के ससम्मान अंतिम संस्कार के तमाम निर्देशों को दरकिनार कर अमानवीय तरीके से शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।
वीडियो वायरल होनेे पर बात अधिकारियों तक पहुंची। एसपी ने इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों जय सिंह चौहान, जय सिंह, वीरेंद्र यादव, पुनीत और उमेश प्रजापति को निलंबित कर दिया। बलिया में गंगा किनारे अब तक 25 शव मिल चुके हैं।
बलिया एसपी डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि यह अमानवीय कृत्य है। इसे गंभीरता से लेते हुए मामले में संलिप्त पांच आरक्षियों को निलंबित करने के साथ ही जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है।
पुलिस के जवानों ने बलिया में एक शव का अंतिम संस्कार पेट्रोल और टायर से किया। जो हिंदू आस्था पर कुठाराघात है। यह आरोप समाजवादी पार्टी (सपा) के महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने सरकार पर लगाया। कहा कि आज भी कोरोना ने ग्रामीण इलाके में भयावह रूप ले लिया है। न तो टेस्टिंग है, न ही दवा, आक्सीजन, न बेड हैं। लोग तड़प तड़प कर मर रहे हैं। सरकार ने सिर्फ हास्यापद घोषणा की कि अंतिम संस्कार करने वालों को 5000 रुपये देगी। मगर हवा हवाई आदेश के नाक के नीचे बलिया में पुलिस की करतूत ने हिन्दू रीति रिवाज का माखौल उड़ाया है।