बलिया। रबी की फसलों की बोआई के लिए डीएपी की मांग कुछ हद तक पूरी होती दिखाई दे रही है। निजी कंपनियों की डीएपी की रैक 30 नवंबर को आने वाली थी लेकिन रेलवे ट्रैक में गड़बड़ी के कारण चार दिसंबर की सुबह तक पहुंचने की उम्मीद है। रैक से 50 प्रतिशत डीएपी साधन सहकारी समितियों पर भेजी जाएगी, जहां से किसानों को उपलब्ध होगा। इसकी तैयारी भी प्रशासन ने पूरी कर ली है। डीएपी कम मिलने से जिले की मात्र 30 समितियों पर ही आवंटन हुआ है। जिले में 160 साधन सहकारी समितियां हैं। इनमें 130 समितियों का ही संचालन होता है। इसके तहत निजी कंपनी की रैक से प्राप्त होने वाली 360 एमटी डीएपी 30 समितियों पर भेजने की योजना है। रबी की फसल गेहूं की बोआई के लिए डीएपी की मांग बढ़ गई है। किसान लगातार साधन सहकारी समितियों का चक्कर काट रहे हैं।
1200 एमटी की रैक आ रही
जिले में डीएपी एवं एनपीके की 1200 एमटी की रैक आ रही है। इसमें 360 एमटी डीएपी साधन सहकारी समिति एवं 250 एमटी डीएपी और 680 एमटी एनपीके निजी क्षेत्र में उपलब्ध होगा।
-
वर्जन
रेलवे की तकनीकी गड़बड़ी के कारण निजी कंपनी की डीएपी रैक आने में विलंब हुआ है। चार दिसंबर को रैक की पहुंचने की सूचना है। उसके बाद आवंटन के हिसाब से रैक से ही साधन सहकारी समितियों पर भेजा जाएगा।
-पवन कुमार प्रजापति, जिला कृषि अधिकारी।