सीआरपीएफ जवान सुनील कुमार पांडे तीन सितंबर को ही अपनी 15 दिन की छुट्टी खत्मकर गांव से गए थे। ग्रामीण राजेश कुमार पांडे ने बताया कि सुनील काफी मृदभाषी व मिलनसार स्वभाव के थे। वो अपनी छुट्टी को 15 दिन और आगे बढ़ाने के लिए बार-बार अधिकारियों को फोन से सूचित कर रहा थे, लेकिन छुट्टी नहीं मिल पाई तो वह पुनः अपनी ड्यूटी पर चले गए।
सुनील की हत्या से घर से लेकर गांव तक कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। बेटे के मौत की खबर से वृद्ध पिता रामनाथ पांडे बेसुध जैसे हो गए हैं। मां विद्यावती देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।