नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में पिचकारी और रंगों के बाजार में बुधवार को पूरे दिन गहमा गहमी रही। बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पिचकारी और रंगों की खरीदारी की। इस दौरान बाजार में छोटा भीम, मोटू-पतलू, बंदूक सहित विभिन्न प्रकार की पिचकारियों की डिमांड रही। इसके अलावा मुखौटा में सबसे अधिक भूत तथा विभिन्न प्रकार के बाल युवकों ने खरीदारी की। जबकि महिलाओं ने रेडिमेड गुझिया तथा विभिन्न प्रकार के नमकीन की खरीदारी की। उधर, कपड़ा की दुकानों पर सबसे अधिक डिमांड डोला सिल्क, सिकवेंस की डिजाइनर, और गंजा सिल्क, खड्डिग सिल्क साड़ी की मांग हो रही है। इसके अलावा गरारा, सरारा, पेपलान, स्टेट सूट, कैंप टाप, ग्राउन, जींस व टाप की युवतियों व महिलाओं ने खरीदारी की। जबकि युवक टीशर्ट व जींस के साथ ही कुर्ता पैजामा की खरीदारी की। ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए दुकानदारों के चेहरे खिलखिला गए।
कपड़ा व्यापारी संजीवकुमार ने बताया कि होली त्योहार पर डोला सिल्क, सिकवेंस की डिजाइनर, औरगंजा सिल्क, खड्डिग सिल्क साड़ी तथा गरारा, सरारा, पेपलान, स्टेट सूट, कैंप टाप, ग्राउन, जींस व टाप की बिक्री अच्छी हो रही है। आनलाइन खरीदारी तथा मॉल शाप द्वारा आफर व निश्चित उपहार के कारण ग्राहकों का रुझान छोटे दुकानों के बजाय मॉल शाप की ओर हो रहा है। हालाकि इसका असर बड़े दुकानदारों पर नहीं है, लेकिन छोटे दुकानदारों पर काफी पड़ रहा है। कुर्ता पैजामा विक्रेता आफताब ने बताया कि होली पर्व पर इस वर्ष भी लोग कुर्ता पैजामा की खरीदारी कर रहे है। पिछले वर्ष की तरही बिक्री ठीक-ठाक है, लेकिन कोरोना व महगाई का असर पड़ा रहा है। बड़े लोगों के लिए 250 से 1000 तथा छोटे बच्चों के लिए 300 से 600 रुपए तक कुर्ता पैजामा है। जिसकी डिमांड काफी है। गुझिया व नमकीन व्यापारी रामअवतार ने बताया कि होली त्योहार पर इस बार अधिकांश लोगों ने रेडिमेड गुझिया, चिप्स, पापड़ के अलावा विभिन्न प्रकार के नमकीनों की खरीदारी की। नमकीन 240, गुझिया 320 तथा खोआ 300 रुपए प्रति किग्रा बिक रहा है। जिसकी डिमांड ठीक ठाक है। पिचकारी विक्रेता जितेंद्र कुमार ने बताया कि इस वर्ष होली पर सबसे अधिक भूत वाला मुखौटा बिक रहा है और विभिन्न प्रकार के बाल की बिक्री हो रही है। इसके अलावा अन्य मुखौटों की भी डिमांड है, लेकिन कम है। मुखौटा 20 से लेकर 100 रुपया तथा बाल 100 से 150 रुपए में बिक रहे है।