रिश्तों की अनमोल छाप छोड़ने के बाद कुछ लोग उसे खुद ही कलंकित कर देते हैं। ऐसी ही बात सामने आई दो अगस्त को अपहृत किए गए कृ ष्णा के मामले में। शुक्रवार को स्वाट तथा बैरिया थाने की पुलिस ने बच्चे को अगवा करने के मामले में आरोपी को एसपी के समक्ष पेश कर इस मामले का खुलासा किया।
करीब एक पखवाड़े पहले बैरिया थाना क्षेत्र के उपाध्यायपुर निवासी संजय प्रसाद ने अपने भतीजे कृष्णा पुत्र रामप्रवेश की तबियत खराब होने पर इलाज के लिए मऊ जिले के फातिमा हास्पीटल में भर्ती कराया था। यहां उनकी मुलाकात सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बरवां-चड़वा निवासी अनिल गुप्ता से हुई।
कृष्णा के इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे खून चढ़ाने की सलाह दी। उसी दौरान अनिल ने अपना खून देकर पीड़ित परिवार से दिल का रिश्ता जोड़ लिया। दो अगस्त को अनिल कृष्णा के घर पहुंचा। वहां घरवालों ने उसकी खूब आवाभगत की। कुछ देर बाद परिवार के सभी लोग खेत में काम करने चले गए।
इसी दौरान अनिल ने कृष्णा को टॉफी दिलाने का लालच देकर अगवा कर लिया। जब शाम तक परिवार के लोगों ने अनिल और बच्चे को नहीं देखा तो उसके मोबाइल पर खुद ही फोन किया। जिसपर अनिल ने रामप्रवेश के परिवार को फिरौती के रूप में दो लाख की डिमांड सुना दी। इसे सुनकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए।
अपनी गरीबी का वास्ता देकर परिवार ने किसी तरह से 35 हजार रुपये देने की बात स्वीकार की और पुलिस को तत्काल इसकी सूचना दे दी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद अनिल के फोन नंबर को ट्रेस करना शुरू कर दिया। जिससे उसका लोकेशन रसड़ा क्षेत्र में मिला। अंत में गुरुवार को आरोपी समेत अगवा बालक को स्वॉट और पुलिस टीम ने सलेमपुर से पकड़ लिया। जिसे संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा ने पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।