थाना क्षेत्र के मठ योगेंद्र गिरि के मठिया के पास सोमवार को छेड़खानी से बचने के लिए मेनका के टेंपो से कूदकर जान गंवाने वाली वारदात में पुलिस ने उसके पिता बालचंद्र की तहरीर पर शोभाछपरा निवासी कमांडर चालक जयराम सिंह जयी के विरुद्ध छेड़खानी सहित एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना के पीछे की वजह कमांडर चालक द्वारा अंकित से बदला लेने की नीयत से मेनका से छेड़खानी करना बताया जा रहा है। बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव की बारात रविवार को सावन छपरा में गई हुई थी। जिसमें कमांडर लेकर शोभाछपरा निवासी जयराम सिंह भी गया था।
वहां उसने कुछ लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की थी। इससे नाराज लोगों ने चालक जयराम की धुनाई कर दी थी। चालक की धुनाई करने वालों में मेनका का भाई अंकित कुमार भी शामिल था। सोमवार को जब मृतका अपने भाई अंकित के साथ टेंपो में बैठी, तो उस समय वहीं मौजूद जयराम ने अंकित को देखा।
और उससे बदला लेने की नियत से उसी टेंपो में बैठ गया था। यही नहीं टेंपो तेज चलाने के लिए आरोपी ने टेंपो चालक पर दबाव बनाया। जब टेंपो तेज हुआ तो जीप चालक अंकित की बहन से छेड़खानी करने लगा। इससे बचने के लिए मेनका टेंपो से कूद गई और उसकी मौत हो गई थी। हालांकि घटना के पुलिस 24 घंटे बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
भले ही पुलिस तहरीर के आधार पर कमांडर चालक जयराम सिंह पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। लेकिन टेंपो चालक को क्लीन चिट देना लोगों को पच नहीं रहा है। टेंपो चालक ने आरोपी के कहने पर ही टेंपो तेज चलाता रहा। ऐसे में टेंपो चालक को पुलिस क्यों छोड़ रही है, यह लोगों के लिए प्रशभन बना हुआ है।