नगर के निजी नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत पर हुए हंगामे और सड़क जाम के दौरान पहुंची पुलिस।
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अस्पताल रोड स्थित अपूर्वा नर्सिंग होम में शुक्रवार की शाम प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और अस्पताल रोड पर जाम लगा दिया। सीओ सिटी विजय प्रताप यादव, प्रभारी कोतवाल ने लोगों को समझाने का प्रयास किया पर वे मुआवजे की मांग पर अड़े रहे । शाम पांच बजे से लगा जाम पुलिस ने रात नौ बजे खत्म कराया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी राजा बांसफोर ने शाम चार बजे के करीब अपनी पत्नी गुड़िया को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल रोड स्थित अपूर्व नर्सिंग होम में भर्ती करवाया। कर्मचारियों ने आठ हजार रुपये की डिमांड की। इस पर परिवारवालों ने तीन हजार रुपये तत्काल जमा कर दिए और शेष रुपये लेने के लिए वे घर गए। इस बीच गुड़िया को मृत बच्ची पैदा हुई और इसके बाद उसकी भी हालत गंभीर हो गई। इस पर चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आनन-फानन में परिवारवाले गुड़िया को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए परिजन शव को लेकर वापस नर्सिंग होम पर पहुंच गए और हंगामा करते हुए शाम पांच बजे अस्पताल रोड पर जाम लगा दिया।
सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार पांडेय एसडीएम निखिल टीकाराम फुंडे, सीओ सिटी विजय प्रताप यादव, कोतवाल आदि फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने लोगों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
इस बाबत अपूर्वा अस्पताल की डाॅक्टर ज्योत्सना सिंह ने बताया कि परिवार के लोग महिला को लेकर जब अस्पताल आए तो उन्हें जच्चा-बच्चा की हालत नाजुक होने की बात पहले ही बता दी गई थी। लेकिन उन लोगों ने मरीज को फिर से देखने का आग्रह किया। इसके बाद ही प्रसव कराया गया।
उधर, जाम के चलते अस्पताल रोड पर यातायात बाधित हो गया। वाहनों की कतारें सड़क के दोनों ओर लग गई। दो पहिया वाहन चालकों ने गलियों की राह पकड़ी।